यूपी-ख़बरें : बिजली विभाग से परेशान पान विक्रेता ने की आत्महत्या; कानपुर में कैबिनेट मंत्री के चौपाल से गायब रहे एसडीएम; चाइनीज मांझे से राज्यमंत्री के भतीजे की गर्दन कटी *DFCV* #948
बिजली विभाग के 1.12 लाख रुपये के बिल और नोटिस से परेशान होकर गाजीपुर के सैदपुर में पान विक्रेता सुरेंद्र कश्यप ने सोमवार को कथित तौर पर सल्फास खाकर जान दे दी। उधर, कानपुर देहात के कठेटी गांव में रात्रि चौपाल के दौरान एसडीएम और तहसीलदार की अनुपस्थिति पर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने डीएम कपिल सिंह को फोन पर जमकर फटकार लगाई, इससे पहले भी अधिकारी भाजपा मंत्रियों को तबज्जों ना देते दिखे हैं। वहीं, सोमवार सुबह बरेली के श्यामगंज फ्लाईओवर पर प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की चपेट में आने से राज्यमंत्री संजय गंगवार के 15 वर्षीय भतीजे आदित्यवीर सिंह गंगवार की गर्दन कट गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए, प्रबंधित होने के बावजूद मांझे की बिक्री जारी है।
1. 1.12 लाख रुपये का बिजली बिल जमा न करने पर पान विक्रेता ने की खुदकुशी; गाजीपुर के सैदपुर की घटना
सुसाइड नोट बरामद, बिजली विभाग पर आरोप
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिला मुख्यालय से करीब 36 किलोमीटर दूर सैदपुर थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है। यहां एक छोटी सी पान की गुमटी चलाने वाले 55 वर्षीय सुरेंद्र कश्यप ने कथित तौर पर बिजली विभाग से परेशान होकर जहर (सल्फास) खाकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने सुरेंद्र के घर से एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर लिखा है कि वे बिजली विभाग से परेशान होकर यह आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। सोमवार सुबह जहर खाने के बाद परिजन उन्हें सैदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गए, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर कस्बा चौकी प्रभारी मनोज पांडेय और थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
आर्थिक तंगी के बीच किश्तें देने पर भी मिला नोटिस
सुरेंद्र कश्यप की पत्नी ज्ञानती देवी के अनुसार, परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। सितंबर 2025 में बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने उनके घर पर छापेमारी की थी, जिसके बाद विभाग की ओर से 1 लाख 12 हजार रुपये का बकाया बिजली बिल जमा करने का नोटिस थमा दिया गया था। सुरेंद्र लगातार विभागीय अधिकारियों के चक्कर काटकर बिल में राहत की गुहार लगाते रहे। वे उधार लेकर छोटी-छोटी किश्तें भी जमा करते रहे, लेकिन बकाया पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। जब मामला राजस्व वसूली अमीन के पास पहुंचा, तो उन पर भुगतान का दबाव और बढ़ गया। इसी मानसिक तनाव और आर्थिक संकट के कारण उन्होंने यह कदम उठाया। मृतक के परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनकी अभी शादी होनी बाकी है। दुकान न चलने के कारण छोटा बेटा भी दो महीने पहले कमाने के लिए दूसरे शहर चला गया था।
विभागीय अधिकारी और पुलिस का पक्ष
इस पूरे मामले पर विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिशासी अभियंता ई. सुधाकर ने बताया कि उपभोक्ता का काफी समय से बिजली बिल बकाया था। इसके चलते उनके खिलाफ बकाया विद्युत की वसूली के लिए आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी की गई थी, जिसे वसूली हेतु राजस्व अमीन के पास भेजा गया था। वहीं, इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने जानकारी दी कि आत्महत्या के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। सुसाइड नोट, परिजनों के बयान और बिजली विभाग से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की जाएगी।
2. कानपुर देहात में चौपाल से गायब रहे एसडीएम-तहसीलदार; कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने डीएम को लगाई फटकार
अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भड़के मंत्री
कानपुर देहात के भोगनीपुर विधानसभा क्षेत्र के कठेटी गांव में रविवार रात उस समय प्रशासनिक हड़कंप मच गया, जब सूबे के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान रात्रि चौपाल लगाकर बैठ गए लेकिन वहां कोई जिम्मेदार राजस्व अधिकारी नहीं पहुंचा। रात 8 बजे से 10 बजे तक चली इस चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे, लेकिन वहां राजस्व विभाग की ओर से सिर्फ एक कानूनगो मौजूद था। एसडीएम और तहसीलदार समेत अन्य बड़े अधिकारियों के नदारद रहने पर मंत्री सचान बेहद नाराज हो गए। उन्होंने चौपाल से ही फोन पर जिलाधिकारी कपिल सिंह को कड़ी फटकार लगाई और गायब रहने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। मंत्री और डीएम के बीच हुई इस बातचीत का एक ऑडियो भी सामने आया है।
'पंचायतों को मजाक बना रखा है'
मंत्री राकेश सचान ने डीएम से नाराजगी जताते हुए फोन पर कहा कि आपने पंचायतों को मजाक बना रखा है। जब कैबिनेट मंत्री खुद चौपाल में पहुंचा है, तब भी इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। यहां सिर्फ औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं और कोई भी गंभीरता से काम नहीं कर रहा है। उन्होंने डीएम से कहा कि वे अनुपस्थित अधिकारियों से जवाब-तलब करें और इसकी जानकारी उन्हें दें। इस पर डीएम कपिल सिंह ने आश्वासन दिया कि अगली बार से हर चौपाल में अधिकारी मौजूद रहेंगे और अनुपस्थित अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।
ग्रामीणों ने लगाए रिश्वतखोरी और उत्पीड़न के आरोप
दो घंटे तक चली इस चौपाल में करीब एक दर्जन ग्रामीणों ने अधिकारियों के खिलाफ गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं।
- कोटेदार का मामला: कठेटी के कोटेदार जगनायक सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि उन्हें वर्ष 2001 से 2015 तक की पल्लेदारी का भुगतान नहीं मिला है और भुगतान जारी करने के नाम पर लगातार पैसों की मांग की जा रही है। इस पर मंत्री ने पूर्ति विभाग के अधिकारी को फोन पर फटकार लगाते हुए जल्द भुगतान के निर्देश दिए।
- किसान से वसूली: गांव के किसान प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि अंश निर्धारण के लिए उन्होंने लेखपाल अजय वर्मा को 2,000 रुपये दिए थे, लेकिन उनका तबादला हो गया। इसके बाद आईं लेखपाल विभा सिंह को भी 2,000 रुपये देने के बाद काम पूरा हुआ। अब वरासत के काम के लिए भी पैसे मांगे जा रहे हैं। मंत्री ने किसान को ढांढस बंधाया कि उनके पैसे वापस कराए जाएंगे और यदि पैसे वापस नहीं हुए तो संबंधित कर्मचारियों को निलंबित किया जाएगा।
3. बरेली में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से राज्यमंत्री के भतीजे की गर्दन कटी; हालत नाजुक
फ्लाईओवर पर सुबह हुआ हादसा
बरेली शहर के बीचोबीच स्थित श्यामगंज फ्लाईओवर पर सोमवार सुबह करीब 6 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री संजय गंगवार के 15 वर्षीय भतीजे आदित्यवीर सिंह गंगवार अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी से रनिंग के लिए स्टेडियम जा रहे थे। इसी दौरान फ्लाईओवर पर अचानक एक प्रतिबंधित चाइनीज मांझा उनकी गर्दन से लिपट गया। जब तक वे कुछ समझ पाते, उनकी गर्दन का अगला और पिछला हिस्सा काफी गहराई तक कट गया। इस हादसे में आदित्यवीर स्कूटी सहित सड़क पर गिर गए और लथपथ हो गए। आसपास के लोगों ने उन्हें तुरंत निजी ईशान अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को सूचना दी। आदित्यवीर कक्षा 8वीं के छात्र हैं और पीलीभीत के ललौरी खेड़ा ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह गंगवार के इकलौते बेटे हैं।
डॉक्टरों को ऑपरेशन में लगे साढ़े तीन घंटे
ईशान हॉस्पिटल के डॉक्टर कौशल कुमार ने बताया कि चाइनीज मांझे से आदित्यवीर का ऊपरी होंठ, दाहिना गाल, कान और गर्दन पर बेहद गहरे घाव हो गए थे। इसके अलावा बाएं हाथ की एक उंगली भी कटकर लटक गई थी। गर्दन की नसें कटने की वजह से काफी खून बह चुका था, जिसके कारण अस्पताल पहुंचने पर उनकी हालत बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों की टीम को उनका ऑपरेशन करने में करीब साढ़े तीन घंटे का समय लगा। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल बच्चे की जान सुरक्षित है, लेकिन स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और पूरी तरह स्वस्थ होने में 3 से 4 हफ्ते का समय लग सकता है।
प्रतिबंध के बाद भी बिक्री पर भड़के मंत्री और परिजन
सूचना मिलते ही राज्यमंत्री संजय गंगवार और शहर के कई वीआईपी अस्पताल पहुंचे। भतीजे की हालत देखकर मंत्री भड़क गए और उन्होंने कहा कि जब सरकार ने चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगा रखा है, तो यह बाजार में कैसे बिक रहा है? उन्होंने इस मामले में डीएम और एसएसपी को बुलाकर बात करने और अवैध रूप से मांझा बेचने व स्टोर करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही। वहीं आदित्यवीर की मां सीमा गंगवार (जो रेलवे में चीफ कमर्शियल इंस्पेक्टर हैं) ने रोष जताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पुराने मामलों से सबक लेना चाहिए था। अगर फ्लाईओवर पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए होते, तो आज उनके बच्चे के साथ यह घटना नहीं होती। दूसरी ओर, एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि जिले में चाइनीज मांझा बनाने और बेचने वालों के खिलाफ दोबारा एक बड़ा अभियान चलाकर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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