उत्तर प्रदेश : भीषण गर्मी के कारण स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश अब 24 जून तक बढ़ा *XCSA* #999

समाचार संक्षेप (Brief)

उत्तर प्रदेश में जारी भीषण गर्मी और हीटवेव के मद्देनजर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आदेश के तहत बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रण वाले व मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ा दिया गया है। अब स्कूल पहले की तय तारीख 16 जून के बजाय 25 जून 2026 से खुलेंगे। हालांकि, शिक्षकों और कर्मचारियों को तैयारियों के लिए 22 जून से उपस्थित होना होगा। अब प्रत्येक वर्ष 20 मई से 24 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा।


अब 25 जून से शुरू होगा पठन-पाठन, हर साल 24 जून तक रहेंगी छुट्टियां

DBUP इंडिया न्यूज नेटवर्क : उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव (लू) को देखते हुए प्रदेश सरकार ने छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में चल रहे ग्रीष्मकालीन अवकाश (गर्मियों की छुट्टियों) को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। आधिकारिक आदेश के मुताबिक, अब उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन संचालित होने वाले और मान्यता प्राप्त सभी विद्यालयों में आगामी 25 जून 2026 से पठन-पाठन का कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा। इससे पहले पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी विद्यालयों को 16 जून से खोलना तय किया गया था। सरकार के इस नए फैसले से प्रदेश भर के लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, साथ ही विद्यालय प्रशासन को भी नए सत्र की बेहतर तैयारियों के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकेगा।

नया नियम लागू: प्रत्येक वर्ष 20 मई से 24 जून तक रहेगा ग्रीष्मकालीन अवकाश

अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से इस संबंध में एक नया और स्थाई आदेश जारी किया गया है। जारी किए गए सरकारी आदेश के अनुसार, वर्ष 2026 से अब प्रत्येक वर्ष नियत रूप से 20 मई से लेकर 24 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित रहेगा। शासन स्तर पर लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय का मुख्य उद्देश्य भीषण गर्मी के मौसम के दौरान छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की चिकित्सीय समस्या या हीटवेव का सामना न करना पड़े।

अध्यापकों और कर्मचारियों को 22 जून से होना होगा उपस्थित, करने होंगे यह जरूरी कार्य

भले ही छात्रों के लिए स्कूलों में पठन-पाठन का कार्य 25 जून से शुरू होगा, लेकिन विद्यालय परिसर में शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने की तैयारियों के लिए शिक्षकों को पहले पहुंचना होगा। आदेश के अनुसार, 22, 23 और 24 जून को सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से विद्यालय में उपस्थित रहना होगा। इस तीन दिवसीय अवधि के दौरान सभी कर्मचारियों को मिलकर कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे करने होंगे। इनमें आगामी सत्र के लिए लेसन प्लान (पाठ योजना) तैयार करना, मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) की मुकम्मल व्यवस्था करना, छात्रों के लिए पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है। इसके साथ ही विद्यालय परिसर, रसोई घर (किचन) और शौचालयों की व्यापक साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्कूलों में मौजूद स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब को पूरी तरह से क्रियाशील रखने जैसी जिम्मेदारियां भी इसी अवधि में पूरी की जाएंगी।

21 जून को विद्यालयों में होगा सामूहिक योगाभ्यास, 220 कार्य दिवसों का नियम रहेगा बरकरार

अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि आगामी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर सभी विद्यालयों को खोला जाएगा और वहां सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बेसिक शिक्षा विभाग ने छुट्टियों के बढ़ने से पढ़ाई के नुकसान की आशंकाओं पर स्थिति साफ की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि बढ़ने के बावजूद भी राइट टू एजुकेशन (आरटीई) एक्ट के तहत निर्धारित न्यूनतम 220 कार्य दिवसों का पूरी तरह से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा परिषद को समय रहते आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि शैक्षणिक सत्र के कार्य दिवसों में कोई कमी न आने पाए।

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