उत्तराखंड-ख़बरें : मुकेश अंबानी का केदारनाथ-बद्रीनाथ को 10 करोड़ दान; उत्तराखंड में SIR, अबतक 88% गणना फॉर्म बांटे गए; हरिद्वार में 76.5 लाख श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान *ERTU* #674

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सोमवार सुबह उत्तराखंड के बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में विशेष पूजा-अर्चना की और दोनों धामों के लिए 10 करोड़ रुपये के दान की घोषणा की। दूसरी ओर, उत्तराखंड के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 88 प्रतिशत गणना फॉर्म बांटे जाने की पुष्टि करते हुए डिजिटाइजेशन तेज करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, सोमवती अमावस्या के अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार के गंगा घाटों पर करीब 76.5 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया, जिसे कुंभ-2027 की तैयारियों के लिए एक बड़ा परीक्षण माना जा रहा है।


1. मुकेश अंबानी ने 2 घंटे में किए केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन, दोनों धामों के लिए 10 करोड़ रुपये दान देने की घोषणा की

सुबह 10 बजे शुरू हुई यात्रा, केदारनाथ में किया जलाभिषेक

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सोमवार सुबह उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के दर्शन किए। उनका हेलिकॉप्टर सुबह लगभग 10 बजे बद्रीनाथ हेलीपैड पर लैंड हुआ, जिसके बाद वे भगवान बद्रीविशाल के दर्शन करने पहुंचे और वहां करीब 10 मिनट तक पूजा-अर्चना की। दर्शन संपन्न करने के बाद उन्होंने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों से मुलाकात की और दोनों धामों के विकास हेतु 10 करोड़ रुपये की धनराशि देने की घोषणा की। इसके बाद उनका हेलिकॉप्टर सुबह 10:40 बजे बद्रीनाथ से केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। केदारनाथ में सुबह 11:15 बजे उतरने के बाद उन्होंने बाबा केदार का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा 'जय श्रीराम' के नारे लगाए जाने पर मुकेश अंबानी ने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन स्वीकार किया। वे दोपहर करीब 12 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इससे पहले वे 10 अक्टूबर 2025 को भी दोनों धाम आए थे।

चारधाम यात्रा में अब तक 37 लाख से ज्यादा पहुंचे, 196 श्रद्धालुओं की मौत

उत्तराखंड में चालू सीजन की चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने से हुई थी। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ के कपाट खुले। राज्य आपदा परिचालन केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, 57 दिनों के भीतर अब तक 37 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें सबसे अधिक केदारनाथ में 12 लाख और बद्रीनाथ में 10 लाख लोग पहुंचे हैं। हालांकि, इस यात्रा सीजन में अब तक चारों धामों और हेमकुंड साहिब मार्ग को मिलाकर कुल 196 तीर्थयात्रियों की जान जा चुकी है, जिसमें सर्वाधिक 94 मौतें केदारनाथ धाम में दर्ज हुई हैं।

स्वास्थ्य खराब होना और हाई एल्टीट्यूड मुख्य कारण, सरकार ने जारी की थी एडवाइजरी

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चारधाम यात्रा के दौरान हुई अधिकांश मौतों के पीछे मुख्य वजहें खराब स्वास्थ्य, हार्ट अटैक और हाई एल्टीट्यूड सिकनेस (ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी) रही हैं। यात्रा मार्ग अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों से गुजरने के कारण बुजुर्गों और पहले से बीमार चल रहे यात्रियों को लगातार चढ़ाई में सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले सरकार ने समीक्षा बैठकें कर चिकित्सा सुविधाओं और डॉक्टरों की तैनाती का दावा किया था। साथ ही प्रशासन की ओर से एक स्वास्थ्य एडवाइजरी भी जारी की गई थी, जिसमें बुजुर्गों, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर और हृदय रोगियों को यात्रा पर आने से पहले अनिवार्य स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई थी।

2. उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान ने पकड़ी रफ्तार, 88% गणना फॉर्म बांटे गए; बीएलओ को मिलेगा नया तकनीकी प्रशिक्षण

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की समीक्षा, ऑनलाइन एंट्री बढ़ाने के निर्देश

उत्तराखंड में मतदाता सूची को अपडेट और सटीक बनाने के लिए चलाया जा रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान अब अंतिम चरणों की ओर बढ़ रहा है। राज्य में अब तक लगभग 88 प्रतिशत गणना फॉर्मों का वितरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। सोमवार को प्रदेश के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ इस अभियान की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की सराहना की, जबकि राज्य के औसत से पीछे चल रहे विधानसभा क्षेत्रों और मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त मोबाइल टीमें तैनात करने के निर्देश दिए। ये टीमें बीएलओ (BLO) के साथ मिलकर घर-घर जाकर फॉर्म वितरण और डिजिटल एंट्री के काम को गति देंगी।

शैडो एरिया में भेजी जाएगी तकनीकी टीम, बीएलओ को छोटे समूहों में मिलेगा प्रशिक्षण

समीक्षा बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि कई क्षेत्रों में ऑनलाइन गणना फॉर्म भरने की गति काफी धीमी है। इसके लिए विभाग ने व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा मतदाताओं को ऑनलाइन माध्यम चुनने के लिए प्रेरित करने को कहा है। राज्य के जिन दूरस्थ और पहाड़ी इलाकों में नेटवर्क की समस्या (शैडो एरिया) है, वहां मोबाइल और आईटी टीमों को भेजा जाएगा ताकि बीएलओ को तकनीकी सहायता मिल सके। इसके साथ ही बीएलओ ऐप के नए मॉड्यूल्स की जानकारी देने के लिए निर्वाचन विभाग ने 10 से 12 बीएलओ के छोटे-छोटे समूहों में प्रशिक्षण आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि हर अधिकारी को तकनीकी ज्ञान स्पष्ट रूप से मिल सके।

मतदाताओं से फोटो देने की अपील, सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने राज्य के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे जारी घर-घर अभियान के तहत अपने नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो बीएलओ को उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 8 जून से 7 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के दौरान मतदाताओं को इसके अलावा किसी अन्य दस्तावेज को देने की आवश्यकता नहीं होगी। मतदाता सूची से जुड़ी किसी भी समस्या या सहायता के लिए विभाग ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 जारी किया है। इसके अतिरिक्त, राज्य स्तर पर संपर्क करने के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-3300-1950 की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

3. हरिद्वार में सोमवती अमावस्या पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 76.5 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी; कुंभ-2027 की तैयारियों की हुई परीक्षा

12 राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु, शाम की आरती तक घाटों पर रही भारी भीड़

अधिकमास के दुर्लभ संयोग में पड़ी सोमवती अमावस्या के अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। सोमवार तड़के सुबह 4 बजे से ही हरकी पैड़ी, ब्रह्मकुंड और मालवीय घाट सहित गंगा के तमाम प्रमुख घाटों पर लंबी कतारें लग गईं। उत्तराखंड समेत देश के करीब 12 राज्यों (उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश आदि) से आए श्रद्धालुओं ने सोमवार शाम गंगा आरती तक पवित्र नदी में स्नान किया। हरिद्वार पुलिस और प्रशासन के अनुसार, दिनभर में करीब 76 लाख 50 हजार श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई, पितृ तर्पण किया और दान-पुण्य कर सुख-समृद्धि की कामना की। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, अधिकमास में सोमवती अमावस्या का आना बेहद दुर्लभ संयोग है और इस दिन स्नान करने से हजारों अश्वमेध यज्ञों के समान पुण्य मिलता है।

सुरक्षा के लिए बने 6 सुपर जोन और 46 सेक्टर, कंट्रोल रूम से रखी गई नजर

इतनी भारी भीड़ के सुरक्षित प्रबंधन के लिए पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से 6 सुपर जोन, 16 जोन और 46 सेक्टरों में विभाजित किया गया था। संवेदनशील और प्रमुख घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मेलाधिकारी सोनिका ने खुद केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) पहुंचकर सीसीटीवी नेटवर्क, क्राउड मॉनिटरिंग सिस्टम और यातायात डायवर्जन प्लान की समीक्षा की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इस बड़े पर्व पर 76.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की आमद के बीच हरिद्वार में सुरक्षा, सेवा और भीड़ नियंत्रण का एक सफल व अद्भुत समन्वय देखने को मिला है।

कुंभ-2027 की व्यवस्थाओं के लिए 'रियल टाइम टेस्ट' साबित हुआ यह स्नान

इस बार की सोमवती अमावस्या पर हुए भारी भीड़ प्रबंधन को प्रशासनिक तौर पर आगामी कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की वास्तविक परीक्षा के रूप में देखा गया। मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि हरिद्वार के ये बड़े स्नान पर्व महज धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि कुंभ मेले के लिए एक 'रियल टाइम अभ्यास' की तरह हैं। इस दौरान जुटे आंकड़ों का गहराई से विश्लेषण किया जा रहा है कि किस समय और किस घाट पर भीड़ का दबाव सबसे ज्यादा रहता है और किसी आपात स्थिति में प्रशासन का रिस्पॉन्स टाइम क्या रहता है। आगामी कुंभ मेले को पूरी तरह तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन रियल टाइम क्राउड एनालिटिक्स, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और अत्याधुनिक सीसीटीवी नेटवर्क का इस्तेमाल करने जा रहा है, जिसमें इस स्नान से मिले फीडबैक को शामिल किया जाएगा।

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