सारांश :
उत्तर प्रदेश में 5 अक्टूबर 2026 को मौसम ने अचानक करवट ली। अयोध्या, प्रतापगढ़, बाराबंकी, सुल्तानपुर, आजमगढ़ और गोरखपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। प्रतापगढ़ के कुछ हिस्सों में ओले भी गिरे। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, इस मौसमी बदलाव का प्रभाव इस पूरे सप्ताह बने रहने की संभावना है।
पूर्वांचल और तराई के जिलों में बदला मौसम
उत्तर प्रदेश में अक्तूबर के पहले हफ्ते में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को सुबह से ही तराई और पूर्वांचल के कई इलाकों में बादलों की आवाजाही सक्रिय रही। दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई, जिसने शाम होते-होते बारिश का रूप ले लिया। अयोध्या, बाराबंकी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, आजमगढ़ और गोरखपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ कहीं हल्की तो कहीं मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई। मौसम के इस बदलाव के दौरान अयोध्या और प्रतापगढ़ में हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जबकि प्रतापगढ़ जिले में ओले गिरने की भी सूचना मिली।
तापमान में आएगी गिरावट, हफ्ते भर बना रहेगा असर
अचानक हुई बारिश और तेज हवाओं के चलने से प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और वातावरण में ठंडक घुल गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस मौसमी बदलाव का प्रभाव इस पूरे सप्ताह बने रहने की संभावना है। बारिश और गरज-चमक के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस मौसमी बदलाव का असर अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना जताई गई है।
ट्रफ रेखा और पश्चिमी विक्षोभ बना बदलाव का कारण
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, मौसम में आए इस बदलाव का मुख्य कारण ट्रफ रेखा और पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होकर बिहार, झारखंड और बंगाल तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इसके साथ वातावरण में मौजूद नमी, दिन के समय हो रही हीटिंग और सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के संयोग से बादल सक्रिय हुए हैं, जिससे प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हुआ है।
