संक्षिप्त विवरण
उत्तर प्रदेश में आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) के दौरान राज्य के 60 जिलों में बनाए गए 1,372 केंद्रों पर अभ्यर्थियों की बेहद सख्त चेकिंग की जा रही है। बायोमेट्रिक और फेस स्कैन के बाद ही प्रवेश दिया गया, जबकि केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों के कलावा, बेल्ट, जूते-मोजे और गहने उतरवाए गए। नकल रोकने के लिए कड़े नियम लागू हैं।
सख्त चेकिंग व्यवस्था: कलावा, बेल्ट और गहने उतरवाकर मिली एंट्री
उत्तर प्रदेश प्रारंभिक अर्हता परीक्षा के आयोजन के दौरान राज्यभर के परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और चेकिंग के अभूतपूर्व इंतजाम देखने को मिले हैं। लखनऊ में महिला अभ्यर्थियों के कलावा काटे गए तथा कान की बाली और हेयर पिन उतरवाई गई। कानपुर में अभ्यर्थियों के बाल खुलवाकर जांच की गई, वहीं बरेली में महिलाओं की बालों की पिन और मेटल के गहने उतरवाए गए।
अलीगढ़ में महिला अभ्यर्थी अपनी चूड़ियां, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, पायजेब (पायल) और गले की चेन उतारकर अपने परिजनों को सौंपने के बाद ही परीक्षा केंद्र के अंदर जा सकीं। इसके अलावा अलीगढ़ में अभ्यर्थियों के रूमाल बाहर रखवा लिए गए और जूते-मोजे उतारकर चेकिंग की गई। मथुरा में अभ्यर्थियों द्वारा दांतों से कलावा काटने और बेल्ट उतरवाने की तस्वीरें सामने आईं। मेरठ में भी बेल्ट और रुमाल बाहर रखवाए गए।
दो पाली में आयोजित हो रही है परीक्षा, कड़ी निगरानी में केंद्र
परीक्षा का आयोजन दो अलग-अलग शिफ्टों में किया जा रहा है। पहली शिफ्ट का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगी। दूसरी शिफ्ट के लिए केंद्रों पर प्रवेश दोपहर 1 बजे से शुरू होगा और दोपहर 2:30 बजे परीक्षा केंद्रों के मुख्य गेट पूरी तरह से बंद कर दिए जाएंगे।
परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस बल सादी वर्दी में केंद्रों के बाहर लगातार गश्त कर रहा है। गाजियाबाद पहुंचे अभ्यर्थियों ने बताया कि वे दूसरे जिलों से आए हैं और उन्हें रेलवे स्टेशन पर सोना पड़ा।
बायोमेट्रिक जांच और नकल विरोधी कड़े प्रावधान
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के अंदर केवल एडमिट कार्ड, आधार कार्ड की जांच, बायोमेट्रिक मिलान और फेस तथा रेटिना स्कैन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। प्रयागराज, गोरखपुर, झांसी और मेरठ समेत सभी प्रमुख शहरों में कड़ी सुरक्षा के बीच अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि परीक्षा के दौरान नकल करने, फर्जी अभ्यर्थी बैठाने या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को आजीवन कारावास की सजा और एक करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।