सारांश
उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ 15 अक्टूबर 2026 को देहरादून के कैंट थाने में गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है। मंत्री ने पति पर मारपीट, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने, जान से मारने की धमकी देने और एक ऑडियो के जरिए हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
देहरादून के कैंट थाने में दर्ज हुई एफआईआर, कई गंभीर धाराएं शामिल
उत्तराखंड में भाजपा सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने ही पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ कानूनी कदम उठाते हुए 15 अक्टूबर 2026 की शाम देहरादून के कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शिकायत शाम 7:09 बजे प्राप्त हुई और 7:25 बजे एफआईआर (नंबर 0158) दर्ज कर ली गई। इस शिकायत में भारतीय न्याय संहिता/दंड संहिता (IPC) की 10 धाराएं (120-B, 323, 420, 467, 468, 471, 495, 498-A, 504 और 506) तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (SC-ST) एक्ट की 3 धाराएं (3(1)(द), 3(1)(ध) और 3(2)(va)) शामिल की गई हैं।
शादी की बात छिपाने और दूसरी महिलाओं से संबंधों का दावा
दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, रेखा आर्या की शादी 6 जुलाई 2004 को हिंदू रीति-रिवाज से गिरधारी लाल साहू के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के वक्त पति ने खुद को अविवाहित बताया था, लेकिन कुछ साल बाद उन्हें पता चला कि पति पहले से विवाहित थे और उनके पूर्व विवाह से बच्चे भी थे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पति को इस बात की पूरी जानकारी थी कि रेखा आर्या अनुसूचित जाति की सदस्य हैं, इसके बावजूद उन्हें धोखे में रखा गया। इसके अलावा, पति के अन्य महिलाओं से कथित अवैध संबंध होने का आरोप भी लगाया गया है, जिसका विरोध करने पर मारपीट और गाली-गलौज की गई।
सरकारी आवास में जातिसूचक अपमान और फर्जी दस्तावेजों से निदेशक पद से हटाने का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि गिरधारी लाल साहू ने कई बार सरकारी आवास में स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर कैबिनेट मंत्री को अपमानित किया। साथ ही, कथित तौर पर कूटरचित हस्ताक्षर और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों में रेखा आर्या को निदेशक पद से हटाया हुआ दिखाया गया, जबकि उन्होंने इस संबंध में कोई दस्तावेज निष्पादित नहीं किया था और न ही कोई त्यागपत्र दिया था।
ऑडियो के जरिए हत्या की साजिश और मंत्री की सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
शिकायत में एक महत्वपूर्ण बिंदु एक ऑडियो का हवाला देना है, जिसमें कथित तौर पर गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत करते हुए रेखा आर्या को जान से मारने की साजिश रचते सुनाई दे रहे हैं। इस खुलासे के बाद मंत्री ने अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। एफआईआर दर्ज होने के बाद रेखा आर्या ने फेसबुक पर एक वीडियो और पति से जुड़ा ऑडियो पोस्ट किया। वीडियो में उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि सच्चाई और ईमानदारी से रहने का उन्हें यह परिणाम मिला है। उन्होंने महिलाओं से घरेलू अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि, "महिला आम हो, महिला खास हो… घरेलू अत्याचार न सहना है, न सहना है, बल्कि उसे कहना है।" इस पूरे घटनाक्रम के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी भी सामने आई है।