संक्षिप्त विवरण
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्ष का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। दो दिनों में हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। CJP नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। स्रोतों के अनुसार, विपक्ष ने अगले 15 दिनों में सरकार गिराने का लक्ष्य तय किया है, वह गिरफ़्तार होने को तैयार हैं। राम मंदिर समेत तमाम बड़े मुद्दों पर एकछत्र नैरेटिव कंट्रोल करने वाली भाजपा इस बार अपना बचाव क्यों नहीं कर रही है, यह अपने आप में आश्चर्य का विषय बना हुआ है।
विपक्ष का आर-पार का मूड और सरकार गिराने का लक्ष्य
स्रोतों के अनुसार, विपक्ष ने अगले 15 दिनों में सरकार गिराने का लक्ष्य तय किया है। विपक्षी दलों की बैठक में यह रणनीति बनी है कि जब तक सरकार विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार करना शुरू नहीं करती, तब तक यह लड़ाई जारी रखी जाए। वहीं, नेताओं की गिरफ्तारी होते ही पूरे मामले को अोषित आपातकाल (अंडरक्लेयर इमरजेंसी) का रूप दिया जाएगा, ताकि सरकार पर दबाव बनाकर उसे गिराया जा सके। राहुल गांधी ने भी संविधान की कॉपी के साथ वीडियो जारी कर सभी दलों से सुप्रीम कोर्ट चलने और ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की है।
सोशल मीडिया और नैरेटिव वॉर में भाजपा का पिछड़ापन
राजनीतिक गलियारों और सूत्रों में इस बात की चर्चा है कि सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा की मीडिया तक हर मोर्चे पर नैरेटिव सेट करने में हमेशा आगे रहने वाली भाजपा और उसका सोशल मीडिया सेल इस बार पूरी तरह से विफल नजर आ रहा है। चुनाव आयुक्त के बचाव में या धार्मिक नैरेटिव समेत किसी भी अन्य एंगल पर भाजपा और उसका उच्च कमान शुरुआत में इस पूरे मुद्दे को पूरी तरह से हल्का मानता रहा। राम मंदिर समेत तमाम बड़े मुद्दों पर एकछत्र नैरेटिव कंट्रोल करने वाली भाजपा इस बार अपना बचाव क्यों नहीं कर रही है, यह अपने आप में आश्चर्य का विषय बना हुआ है।
आरएसएस की कथित दूरी और CJP-कांग्रेस की सक्रियता
सूत्रों का बड़ा दावा यह भी है कि इस पूरे मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भी भाजपा के साथ पूरी तरह से खड़ा नजर नहीं आ रहा है। जहां एक तरफ भाजपा हाईकमान और संगठन बचाव की मुद्रा में कमजोर दिख रहे हैं, वहीं कांग्रेस, अन्य विपक्षी दल और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पूरी तरह से आक्रामक और आर-पार के मूड में हैं। CJP नेताओं—अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास—ने रिहाई के बाद साफ कर दिया है कि वे किसी भी बॉन्ड से बंधे नहीं हैं और दोबारा सड़कों पर उतरेंगे।
राजधानी में भारी सुरक्षा बल और कड़े संघर्ष के हालात
दिल्ली में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने कनॉट प्लेस और अन्य संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला। स्थिति यह थी कि सड़कों पर आम प्रदर्शनकारियों से ज्यादा पुलिस की भारी भीड़ नजर आई। इस दौरान राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के पास SFI कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुईं, जहां महिला प्रदर्शनकारी पुलिस बसों के आगे बैठ गईं। मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में भी CJP के समर्थन में प्रदर्शन करने पहुंचे सैकड़ों लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया।


