संक्षेप
बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग के लिए तीन बड़ी घोषणाएं करते हुए इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर का मोटरसाइकिल भत्ता 700 से बढ़ाकर 1,000 रुपए, मोबाइल रिचार्ज भत्ता 2,000 से बढ़ाकर 2,500 रुपए और पीपीएस अधिकारियों का वर्दी भत्ता 6,400 से बढ़ाकर 15,000 रुपए कर दिया है।
पुलिसकर्मियों के भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर पुलिस बल के कल्याण के लिए तीन अहम घोषणाएं कीं। इसके तहत अब प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) के अधिकारियों को मिलने वाला वर्दी भत्ता 6,400 रुपए से बढ़ाकर 15,000 रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर का मोटरसाइकिल भत्ता 700 रुपए से बढ़ाकर 1,000 रुपए कर दिया गया है, तथा पुलिसकर्मियों को मोबाइल रिचार्ज के लिए अब 2,000 रुपए की जगह 2,500 रुपए मिलेंगे।
अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस और पिछली सरकारों पर निशाना
मुख्यमंत्री योगी ने दावा किया कि प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले एक समय ऐसा था जब पुलिस थानेदार या एसपी अपराधियों पर कार्रवाई करने से पहले सोचते थे और राजनीतिक संरक्षण के चलते कार्रवाई करने वाले अधिकारियों पर ही गाज गिरती थी। योगी ने दावा किया कि 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 815 दंगे हुए, जिनमें मथुरा के जवाहर बाग कांड का भी जिक्र किया गया। उन्होंने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त किया गया और आज कानून का राज स्थापित है।
पुलिस भर्ती, ट्रेनिंग क्षमता और साइबर सुरक्षा के प्रयास
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश पुलिस की प्रशिक्षण क्षमता करीब 6 हजार कर्मियों की थी, जिसे बढ़ाकर 60 हजार से ज्यादा किया गया है। उन्होंने पुलिस भर्ती, महिला कर्मियों की संख्या बढ़ने और 7 बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू किए जाने का भी जिक्र किया। साथ ही, साइबर अपराधों से निपटने के लिए हर जिले में साइबर थाना और हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है, और महिला पीएसी की तीन बटालियन के गठन तथा फॉरेंसिक संस्थान के निर्माण को भी पुलिस व्यवस्था में सुधार का हिस्सा बताया गया है।
शहीद पुलिसकर्मियों की शहादत को नमन और परिवारों का सम्मान
पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री ने देश के लिए बलिदान देने वाले 154 पुलिसकर्मियों को याद किया और उत्तर प्रदेश के 6 शहीद पुलिसकर्मियों की शहादत को नमन करते हुए उनके परिवारों को सम्मानित किया। जानकारी के अनुसार, 2017 के बाद अपराधियों के खिलाफ अभियानों के दौरान 18 पुलिसकर्मियों के शहीद होने और 1,953 के घायल होने की बात कही गई, साथ ही शहीद परिवारों के लिए 425 करोड़ रुपए से ज्यादा की सहायता दिए जाने की जानकारी दी गई। जिन 6 परिवारों को सम्मानित किया गया, वे दो अलग-अलग घटनाओं—ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र में हुए अग्निकांड (जिसमें फायरमैन रोहित यादव और ड्राइवर तीर्थपाल सिंह शहीद हुए) और जालौन के कारोबारी के अपहरण के मामले में बदमाशों से छुड़ाने के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों से जुड़े थे।