संक्षिप्त खबर
देशभर में दशहरा का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन मैदान में रामलीला कलाकारों की आरती उतारकर प्रतीकात्मक तीर से रावण दहन किया, जबकि प्रियंका गांधी ने लाल किले में रावण जलाया। हरियाणा के पंचकूला में देश का सबसे ऊंचा 221 फीट का रावण जलाया गया, वहीं देश के विभिन्न राज्यों में पुतलों की ऊंचाई, बारिश से कार्यक्रम टलने और अनोखे वाकयों से जुड़ी खबरें सामने आईं हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रियंका गांधी ने किया रावण दहन
नई दिल्ली/लखनऊ/जयपुर/रायपुर/भोपाल के मुख्य आयोजनों के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दशहरा के मौके पर दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन मैदान पहुंचे। वहां उन्होंने रामलीला में शामिल कलाकारों की आरती उतारी और फिर प्रतीकात्मक तीर चलाकर रावण का दहन किया। उधर, प्रियंका गांधी ने लाल किले में नवश्री धार्मिक लीला कमेटी के दशहरा कार्यक्रम में हिस्सा लिया और उन्होंने भी तीर चलाकर रावण दहन किया। दिल्ली में नेताजी सुभाष प्लेस में केशव रामलीला कमेटी के दशहरा समारोह के दौरान रावण के पुतले के साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच का पुतला भी जलाया गया।
हरियाणा के पंचकूला में जला देश का सबसे ऊंचा 221 फीट का रावण
विभिन्न राज्यों के प्रमुख आयोजनों के अनुसार, हरियाणा के पंचकूला में देश में सबसे ऊंचा 221 फीट का रावण का पुतला दहन किया गया। इस विशाल पुतले को तैयार करने में 7 टन लोहा और 5000 मीटर कपड़ा लगा था। इसके अलावा पटना के गांधी मैदान में 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया, जिसे देखने के लिए लगभग 2.5 लाख लोग पहुंचे। छत्तीसगढ़ के रायपुर में 101 फीट के रावण का दहन किया गया, और लद्दाख के एतिहासिक पोलो ग्राउंड लेह में भी रावण दहन संपन्न हुआ। मध्य प्रदेश के भोपाल के टीटी नगर दशहरा मैदान में रावण, मेघनाथ और कुंभकरण का दहन किया गया और इस दौरान भव्य आतिशबाजी भी की गई।
मध्य प्रदेश में रावण के सिर की त्रुटि और बारिश के कारण टला दहन
अन्य रोचक और महत्वपूर्ण घटनाओं के तहत, मध्य प्रदेश के डबरा में रावण के पुतले में 10 की जगह 9 सिर लगा दिए जाने का मामला सामने आया जिसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसके बाद हिंदू उत्सव समिति ने दसवां सिर लगवाया, हालांकि वह बाकी सिरों से छोटा नजर आया। वहीं मंदसौर के धमनार में राम सेना और रावण के युद्ध के दौरान तेज बारिश शुरू होने के कारण कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा, और अब रावण दहन 21 अक्टूबर को शाम 4 बजे किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, भारत के कई हिस्सों में रावण दहन न करने और उसे सम्मान देने की परंपरा का भी उल्लेख किया गया।