संक्षिप्त विवरण
उत्तर प्रदेश में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत डीएपी और भूमि क्रांति डीएपी ब्रांड के नाम पर मंगाई गई नकली डीएपी खाद की खेप बरामद की है। मौके से लखीमपुर खीरी निवासी अखिलेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच के अनुसार, यह खेप हिसार से फर्जी ई-वे बिल के जरिए मंगाई गई थी। दावा है कि प्रदेश के सभी हिस्सों में नकली डीएपी खाद की खेप पहुंचाई गई है।
हरदोई में नकली डीएपी का बड़ा खेल उजागर, एसटीएफ की छापेमारी में 820 बोरियां जब्त
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने खाद कंपनियों के नाम पर नकली डीएपी खाद बेचने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ के डिप्टी एसपी प्रमेश कुमार शुक्ला के मुताबिक, प्रदेश में विभिन्न खाद कंपनियों के नाम पर नकली खाद की खेप मंगाकर बेचे जाने की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद टीमों को सक्रिय किया गया था। इसी क्रम में 16 अक्तूबर 2026 को हरदोई के पिहानी थाना क्षेत्र के डेलपांडरवा गांव स्थित हरियाली किसान सेवा केंद्र पर नकली खाद की खेप उतरने की सटीक जानकारी मिली। सूचना मिलते ही एसटीएफ ने मौके पर छापा मारकर ट्रेलर (नंबर एचआर 46 जी 5567) को जब्त कर लिया, जिससे ब्रांडेड खाद के प्रिंट वाली 820 बोरी नकली डीएपी उतारी जा रही थी। इस कार्रवाई के दौरान मौके से लखीमपुर खीरी निवासी अखिलेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह नकली खाद 'भारत डीएपी' और 'भूमि क्रांति डीएपी' ब्रांड के नाम पर मंगाई गई थी।
कागजों में कुछ और सच कुछ और: हिसार से ओडिशा की बजाय हरदोई पहुंची खेप और फर्जी ई-वे बिल का खुलासा
इस मामले में जांच के दौरान खाद से संबंधित ई-वे बिल एक अहम कड़ी साबित हुआ है। एसटीएफ के अनुसार, ई-वे बिल के सामग्री कॉलम में 'रॉ ग्रेन्यूल्स' दर्ज किया गया था, और दस्तावेजों में इस सामान को हरियाणा के हिसार से ओडिशा भेजे जाने का विवरण दिया गया था। हालांकि, हकीकत में यह खेप हरदोई के किसान सेवा केंद्र पर बरामद हुई, जिससे स्पष्ट होता है कि कागजों में कुछ और दर्शाकर खेप दूसरी जगह पहुंचाई जा रही थी। अब एसटीएफ खाद की ढुलाई से जुड़े इन तमाम दस्तावेजों और वास्तविक खेप की गहराई से जांच कर रही है ताकि परिवहन के खेल का पूरा सच सामने आ सके।
रजनीश के कहने पर मंगाई गई थी खेप, फर्जी बिल-वाउचर और अन्य सामान बरामद
एसटीएफ की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी अखिलेश कुमार ने खुलासा किया कि डेलपांडरवा स्थित हरियाली किसान सेवा केंद्र का प्रोपराइटर कुलदीप सिंह है, लेकिन इस केंद्र का संचालन असल में रजनीश सिंह द्वारा किया जाता है। अखिलेश के मुताबिक, उसने रजनीश सिंह के कहने पर ही हिसार की 'मेसर्स श्री कृष्ण सुदामा एग्रो ट्रेडिंग' नामक फर्म से यह नकली खाद मंगवाई थी। हालांकि, खाद की वास्तविक आपूर्ति, उसकी गुणवत्ता और दस्तावेजों में दर्ज विवरण की जांच अभी जारी है। छापेमारी के दौरान एसटीएफ ने मौके से फर्जी बिल-वाउचर, एक मोबाइल फोन, आधार कार्ड और एक घड़ी भी बरामद की है। फिलहाल, एसटीएफ इस गिरोह से जुड़े अन्य फरार लोगों की तलाश में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह नकली खाद आखिर कहां तैयार की जा रही थी और इसे किन-किन अन्य स्थानों पर खपाने की योजना थी।