संवाददाता। सुधांशु श्रीवास्तव सिद्धार्थनगर: जिले में यूरिया खाद के वितरण को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। फुटकर उर्वरक विक्रेता संघ के अध्यक्ष आदर्श कुमार श्रीवास्तव ने जिला कृषि अधिकारी को शिकायती पत्र देकर यूरिया उपलब्ध कराने के दौरान अतिरिक्त खाद अथवा अन्य उर्वरक लेने का दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने मामले से संबंधित ऑडियो साक्ष्य भी उपलब्ध कराते हुए जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, यूरिया की मांग किए जाने पर उन्हें एनपीके अथवा अन्य उर्वरक साथ में लेने की बात कही गई। उनका आरोप है कि इस तरह की स्थिति केवल एक बार नहीं, बल्कि कई बार सामने आ रही है। इससे छोटे उर्वरक विक्रेताओं की पूंजी अतिरिक्त स्टॉक में फंसने की समस्या पैदा हो रही है।
वहीं, मामले में जिला कृषि अधिकारी की ओर से शिकायत के संबंध में बताया गया कि सब्सिडी वाले उर्वरक की बिक्री निर्धारित व्यवस्था के तहत मशीन के माध्यम से दर्ज होती है और मशीन पर जो प्रक्रिया/स्टॉक प्रदर्शित होता है, उसके अनुसार संबंधित विक्रेता को उसे लेना पड़ता है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि यूरिया के साथ अन्य उर्वरक लेना अनिवार्य स्थिति बनती है तो जिन दुकानदारों के पास पर्याप्त पूंजी नहीं है, उनकी बिक्री और पूंजी दोनों प्रभावित होती हैं। उनका कहना है कि यूरिया की उपलब्धता को अतिरिक्त खाद की खरीद से जोड़ने के बजाय किसानों और विक्रेताओं को उनकी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
मामले में शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए ऑडियो साक्ष्य और वितरण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। अब देखना होगा कि कृषि विभाग इस शिकायत पर क्या जांच और कार्रवाई करता है।