संक्षिप्त समाचार
उत्तराखंड के देहरादून में 30 सितंबर की सुबह एक इंटरनेट कंपनी के जनरेटर रूम में अयोध्या निवासी 27 वर्षीय लवकुश चौरसिया और उनके साथी रोहित राठौर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। लवकुश की आगामी नवरात्र में शादी तय होनी थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और मौत की असल वजह जानने के लिए रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
जनरेटर रूम में मिले दो शव, मौत की वजह अस्पष्ट
लवकुश चौरसिया (27 वर्ष), जो उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में स्थित कुमारगंज थाना क्षेत्र के बघौड़ा गांव के निवासी थे, उत्तराखंड के देहरादून में कार्यरत थे। वह पटेलनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सिंधु सेंटर में संचालित 'ईशान नेट सोल प्राइवेट लिमिटेड' नामक इंटरनेट कंपनी में काम करते थे। जानकारी के मुताबिक, 30 सितंबर की सुबह कंपनी परिसर के जनरेटर रूम में लवकुश और उनके साथ काम करने वाले हरिद्वार निवासी रोहित राठौर का शव बरामद हुआ। दोनों कर्मचारियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
शरीर पर चोट के निशान नहीं, पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
मृतक लवकुश के पिता राम सागर चौरसिया और परिजनों के अनुसार, लवकुश के शरीर पर चोट के कोई स्पष्ट निशान नहीं दिखाई दिए हैं, जिससे मौत की वजह को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और तत्पश्चात उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
नवरात्र में तय होनी थी शादी, परिवार और गांव में पसरा मातम
लवकुश अपने परिवार में दो भाइयों में बड़े थे। उनके छोटे भाई अंकुश कुमार चौरसिया, जो गुजरात के सूरत शहर में मजदूरी करते हैं, ने बताया कि लवकुश की शादी आगामी नवरात्र में तय होनी थी और घर में शादी की तैयारियों को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन देहरादून पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर अपने गांव लौट रहे हैं। इस अचानक हुई दुखद घटना से मृतक के परिवारजन गहरे सदमे में हैं और गांव में शोक की लहर है।
