सारांश :
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान के बीच दिल्ली पुलिस की सख्ती से शनिवार को हालात तनावपूर्ण रहे। पुलिस ने सुबह ही सीजेपी नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया। वहीं, मेट्रो-ट्रेन सेवाओं पर पूरी रोक के आदेश की कथित अनदेखी को लेकर सुप्रीम कोर्ट रविवार को अधिकारियों के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई करेगा। अबतक लगभग 7 हजार लोग हिरासत में लिए गए, वहीं 40 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
7 हजार लोग हिरासत में और 40 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात
शनिवार को CJP के प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली में 3 से 5 लेयर की बैरिकेडिंग लगाई गई, जिससे प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर नहीं पहुंच सके। पुलिस कार्रवाई के दौरान अब तक 7 हजार लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली में 40 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 8 से 12 अक्टूबर तक केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) की 221 कंपनियां यानी करीब 23 हजार जवान भी बुलाए गए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर अड़े कार्यकर्ता
CJP मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR तथा मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। शनिवार शाम मीडिया से बातचीत करते हुए CJP कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका यह प्रदर्शन जारी रहेगा।
पुलिस की रणनीति और नेताओं की प्रतिक्रियाएं
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम के तहत दिल्ली पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों को पकड़ने के लिए पिंक ड्रेस में महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया था। हालांकि, बाद में पुलिस ने जानकारी दी कि डिटेंशन सेंटर से महिला प्रदर्शनकारियों और बुजुर्गों को छोड़ा जा रहा है, और प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गईं ममता बनर्जी को भी रिहा कर दिया गया है। इस भारी सुरक्षा बल की तैनाती पर प्रतिक्रिया देते हुए जन सूरज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि आज दिल्ली की सड़कों पर 40,000 पुलिस, अर्धसैनिक बल और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जो यह दिखाता है कि सरकार इस आंदोलन से कितनी डरी हुई है।