गाजीपुर के कोतवाली क्षेत्र में दो बेटियों की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जौनपुर की रहने वाली लक्ष्मी देवी ने कथित तौर पर अपनी दो बेटियों साक्षी (12) और मानीक्षी (8) को साड़ी से बांधकर गोमती नदी में फेंक दिया। मां खुद नदी से बाहर निकल आई, जबकि दोनों बच्चियां डूब गईं। 13 अक्टूबर की इस घटना के 5 दिन बाद रविवार दोपहर गाजीपुर के स्टीमर घाट पर गंगा नदी में दोनों शव मिले। पुलिस ने मामला दर्ज कर मां को हिरासत में ले लिया है।
घटना का पूरा घटनाक्रम
आजमगढ़ के कपसेठा की रहने वाली लक्ष्मी देवी पिछले 5 महीने से अपने मायके जौनपुर के भड़की गांव में रह रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 13 अक्टूबर को लक्ष्मी अपनी दोनों बेटियों के साथ जौनपुर के सिहौली घाट पहुंची। यहां कुछ देर टहलने के बाद उसने बच्चियों को साथ लेकर गोमती नदी में छलांग लगा दी। लक्ष्मी तुरंत बाहर निकल आई, लेकिन दोनों बच्चियां पानी में बह गईं। उसने न तो शोर मचाया और न ही किसी को मदद के लिए बुलाया। वह खुद किनारे जाकर खड़ी हो गई।
भीगी साड़ी में मिली मां, बदलते रहे बयान
लक्ष्मी को भीगी साड़ी में देखकर लोगों ने पुलिस बुलाई। पूछताछ के दौरान उसने अलग-अलग बयान दिए। पुलिस ने घटना को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू की। जौनपुर पुलिस और बचाव दल गोमती नदी में बच्चियों की तलाश करता रहा, लेकिन 5 दिन तक उनका कोई पता नहीं चला। रविवार दोपहर 12:30 बजे गाजीपुर के स्टीमर घाट पर गंगा नदी में दोनों बच्चियों के शव मिले। गाजीपुर पुलिस ने शवों की शिनाख्त के बाद जौनपुर पुलिस को सूचना भेजी। केराकत पुलिस ने लक्ष्मी देवी को थाने बुलाकर दोबारा सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
पति से फोन पर कहा- मरने का मन कर रहा
बच्चियों के ताऊ सुरेंद्र यादव ने बताया कि 7 अप्रैल को लक्ष्मी का अपने पति सत्येंद्र यादव से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद वह दोनों बेटियों के साथ मायके में रहने लगी थी। 13 अक्टूबर को उसका अपने पिता लालजी यादव से भी झगड़ा हो गया। पिता ने उसे ताना देते हुए ससुराल जाने और घर छोड़ने के लिए कहा। इसके बाद लक्ष्मी दोनों बेटियों को लेकर घर से निकल गई और सीधे नदी किनारे पहुंची। उसने पति सत्येंद्र को फोन किया और पूछा कि क्या उन्होंने खाना खा लिया। फिर बातचीत के दौरान कहा कि उसका मन बहुत घबरा रहा है और जान देने का मन कर रहा है। सत्येंद्र ने उसे ऐसा नहीं करने और घर लौटने को कहा, लेकिन फोन कट गया।
पुलिस ने पहले की थी पति से पूछताछ
सुरेंद्र यादव के अनुसार, 13 अक्टूबर की रात करीब 11:30 बजे केराकत पुलिस ने सत्येंद्र को फोन कर घटना के बारे में पूछा, लेकिन उसने बताया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ। 14 अक्टूबर की सुबह पुलिस आजमगढ़ स्थित सत्येंद्र के घर पहुंची और तलाशी लेकर उससे फिर पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की।
पुलिस का बयान
गाजीपुर कोतवाली थाना प्रभारी प्रमोद सिंह ने बताया कि दोनों लड़कियों के शव एक साड़ी से बंधे थे। मां ने दोनों बच्चियों को साड़ी से बांधकर गंगा में छलांग लगाई थी और खुद गंगा से बाहर निकल आई। मामले में जौनपुर में मुकदमा दर्ज हुआ है और मां जौनपुर पुलिस की हिरासत में है।