संक्षिप्त खबर :
लखनऊ में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में 31 अहम प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। मुख्य सचिव एसपी गोयल के अनुसार, इनमें 1.80 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी, उज्ज्वला लाभार्थियों को दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर, भदोही का नया नाम 'संत रविदास नगर भदोही' करने और किसानों के लिए धान की एमएसपी बढ़ाने जैसे बड़े फैसले शामिल हैं।
विस्तृत खबर:
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी और मुफ्त सिलेंडर का तोहफा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक होने जा रही है। मुख्य सचिव एसपी गोयल द्वारा गुरुवार (8 अक्टूबर 2026) शाम करीब 6 बजे जारी किए गए एजेंडे के अनुसार, इस बैठक में 31 प्रस्तावों को मंजूरी दी जा सकती है। सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, प्रदेश की 1.80 लाख से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को यूनिफॉर्म के रूप में एक-एक साड़ी दी जाएगी। इसके साथ ही, दीपावली के अवसर पर उज्ज्वला योजना के करीब 1.90 लाख लाभार्थियों को एक मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर देने का भी प्रावधान है। इसके अलावा, राज्य की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के लिए लगभग 60 लाख रुपये (ऑन-रोड) की कीमत वाली किआ कार्निवल (KIA Carnival) कार खरीदने का प्रस्ताव भी शामिल है। कथित तौर पर बैठक में कुछ प्रस्ताव एजेंडे से अलग (आउट ऑफ एजेंडा) भी लाए जा सकते हैं।
भदोही का नाम बदलेगा और किसानों की एमएसपी में होगा इजाफा
एजेंडे के अनुसार, बैठक में भदोही जिले का नाम बदलकर 'संत रविदास नगर भदोही' करने के प्रस्ताव पर मुहर लगने की संभावना है। किसानों को राहत देते हुए खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीद नीति को मंजूरी दी जाएगी, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाए जाने की उम्मीद है। ज्ञात हो कि पिछले वर्ष सामान्य धान की एमएसपी 2369 रुपये और ए ग्रेड धान की 2389 रुपये प्रति क्विंटल थी। इसके अलावा मक्का, बाजरा और ज्वार जैसे मोटे अनाजों की खरीद नीति और भारत सरकार से आवंटित बोरों की खरीद को भी हरी झंडी मिल सकती है। आयुष विभाग के तहत BAMS, BUMS और BHMS पास करने वाले छात्रों का रोटेरिंग इंटर्नशिप भत्ता बढ़ाने का भी अहम प्रस्ताव है।
18 शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट और बुनियादी ढांचे का विकास
प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 18 प्रमुख शहरों (आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा) में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल लागू किया जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत मिर्जापुर-विंध्याचल और मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण में नए शहरों के विकास के लिए धनराशि आवंटित की जाएगी। गाजियाबाद स्थित 41वीं वाहिनी पीएसी (PAC) की पुरानी इमारतों (क्वार्टर गार्ड बिल्डिंग, बैरक आदि) को ध्वस्त करने और मेरठ में निबंधन विभाग के नए सरकारी भवनों के लिए जमीन उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव है।
स्टार्टअप, एआई (AI) मिशन और नई नीतियों को मिलेगी मंजूरी
राज्य में निवेश और तकनीक को बढ़ावा देने के लिए यूपी में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन' की स्थापना की जाएगी। साथ ही, 'उत्तर प्रदेश स्टार्टअप क्रय योजना 2026', 'सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल विनिर्माण प्रोत्साहन नीति 2026' और औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए 'मॉडल भवन विनियम 2026' लागू करने का दावा किया गया है। इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए सरकारी जमीन हस्तांतरण और भूमि आवंटियों को कामकाज में लचीलापन देने की नीति भी लाई जाएगी। प्रशासनिक व कर नियमों में सुधार के लिए यूपी राजस्व संहिता नियमावली 2016 (नियम 34 व 35) में बदलाव, 'औद्योगिक संबंध नियमावली 2026', 'चिकित्सा शिक्षा सेवा चतुर्थ संशोधन नियमावली 2026', 'ब्याज माफी योजना 2026' और माल एवं सेवाकर (GST) संशोधन अध्यादेश 2026 को भी कैबिनेट से पास कराने की पूरी तैयारी है।