अयोध्या जिले में पूर्ति विभाग ने 30,548 ऐसे राशन कार्डधारकों की पहचान की है, जिन्होंने कई महीनों से सरकारी कोटे की दुकान से राशन नहीं लिया है। जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार मिश्रा ने शुक्रवार 2 अक्टूबर को बताया कि इन सभी की जांच कराई जाएगी और नियम के अनुसार कार्डों पर फैसला लिया जाएगा। जांच में अपात्र या जानबूझकर राशन न लेने वाले पाए जाने पर कार्ड निरस्त किए जा सकते हैं। जिले में कुल 4,36,405 राशन कार्डधारक हैं।
अयोध्या जिले में राशन कार्डधारकों की बड़ी संख्या सामने आई है, जो लंबे समय से सरकारी कोटे की दुकान से राशन नहीं उठा रहे हैं। पूर्ति विभाग के अनुसार, ऐसे 30,548 कार्डधारकों की पहचान की गई है। अब इन कार्डों के रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है। विभाग इन सभी की जांच कराएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार मिश्रा ने शुक्रवार 2 अक्टूबर को जानकारी देते हुए बताया कि जिले में बड़ी संख्या में ऐसे कार्डधारक हैं जो लंबे समय से राशन नहीं ले रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सभी की जांच कराई जाएगी और नियम के अनुसार ही कार्डों पर फैसला लिया जाएगा। यदि जांच में कार्डधारक अपात्र मिलते हैं या जानबूझकर राशन नहीं ले रहे हैं, तो उनके कार्ड निरस्त भी किए जा सकते हैं।
जिले में कुल 4,36,405 राशन कार्डधारक हैं। इनमें 62,810 अंत्योदय श्रेणी के हैं, जबकि शेष पात्र गृहस्थी श्रेणी के हैं। विभाग के अनुसार, करीब 93 प्रतिशत कार्डधारक हर महीने नियमित रूप से राशन ले रहे हैं। हालांकि, जिले के बाहर पोर्टेबिलिटी के तहत राशन लेने वालों की संख्या की जानकारी विभाग के पास अभी नहीं है। इस कारण यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि कितने लोग दूसरे जिले में जाकर राशन ले रहे हैं और कितने वास्तव में राशन नहीं उठा रहे हैं। विभाग इस बिंदु को भी जांच में शामिल करेगा।
बता दें कि अंत्योदय कार्ड पर प्रति कार्ड 35 किलो और पात्र गृहस्थी कार्ड पर प्रति यूनिट 5 किलो राशन दिया जाता है। सरकार की मंशा है कि वास्तविक जरूरतमंदों को ही राशन का लाभ मिले।