सारांश :
भाजपा के लिए सर्वे कर रही 3 में से 2 एजेंसियों ने अयोध्या की मिल्कीपुर सीट से बाबा गोरखनाथ और दूसरी सीट गोसाईगंज से इंद्र प्रताप तिवारी 'खब्बू' के नाम को फाइनल किया है। डीबीयूपी इंडिया नेटवर्क की एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार एजेंसियों के रिपोर्ट में बाबा गोरखनाथ से दूरी पर 15,000 भाजपा मतदाताओं के छिटकने का जोखिम, वहीं इंद्र प्रताप तिवारी से दूरी पर जिले की सभी सीटों पर ब्राह्मण वोटबैंक के सपा में जाने की बात दर्ज की गई है।
एजेंसियों की रिपोर्ट में मिल्कीपुर और गोसाईगंज सीटों पर मंथन
सामने आई जानकारी के मुताबिक, 3 में से 2 एजेंसियों ने अयोध्या की मिल्कीपुर सीट से बाबा गोरखनाथ और दूसरी सीट से इंद्र प्रताप तिवारी 'खब्बू' के नाम को फाइनल किया है। हालांकि, इन संभावित नामों और टिकट वितरण की अटकलों के बीच राजनीतिक नफा-नुकसान को लेकर भी बड़े दावे किए जा रहे हैं, जो चुनावी गणित को प्रभावित कर सकते हैं।
टिकट कटने या बदलाव की चर्चा से वोटबैंक खिसकने की आशंका
डीबीयूपी इंडिया नेटवर्क की एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार, एजेंसियों की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि यदि बाबा गोरखनाथ को टिकट नहीं मिलता है, तो लगभग 15,000 भाजपा मतदाताओं के छिटकने का जोखिम है। वहीं दूसरी ओर, यदि इंद्र प्रताप तिवारी को टिकट नहीं दिया जाता है, तो जिले की सभी सीटों पर भारी मात्रा में ब्राह्मण वोटबैंक के समाजवादी पार्टी (सपा) में जाने की बात दर्ज की गई है।
इसकी एक मुख्य वजह यह भी बताई जा रही है कि समाजवादी पार्टी ने अयोध्या से पवन पांडे को अपना स्टार चेहरा बनाया है, जबकि भाजपा के पास इकलौते मजबूत ब्राह्मण चेहरे के रूप में इंद्र प्रताप तिवारी ही हैं।
समीकरण साधने के लिए हो सकता है सीटों का अदला-बदली फॉर्मूला
राजनीतिक गलियारों और चर्चाओं के बीच यह भी सामने आ रहा है कि समाजवादी पार्टी छोड़कर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए अभय सिंह को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके अलावा, यदि विषम परिस्थितियां बनती हैं, तो ऐसी स्थिति में अभय सिंह और खब्बू तिवारी—दोनों को टिकट देते हुए उनकी सीटों में बदलाव भी किया जा सकता है।
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###Amitesh Tiwari, Lucknow###


