सारांश :
नई दिल्ली में 6 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया। संसद से शुरू हुआ 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' रोके जाने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी 8 घंटे से अधिक समय तक आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे रहे। इसके बाद रात्रि करीब 8 बजे दिल्ली पुलिस ने राहुल, प्रियंका और 250 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
8 घंटे चला आकाशवाणी भवन में हाई-प्रोफाइल धरना
राजधानी नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में विपक्षी दलों का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे संसद के मकर द्वार से विपक्षी दलों द्वारा 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' निकाला गया, जिसे पुलिस ने दोपहर 12:30 बजे आकाशवाणी भवन के पास रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा अन्य विपक्षी नेताओं के साथ आकाशवाणी भवन परिसर के अंदर धरने पर बैठ गए। लगभग 8 घंटे से भी अधिक समय तक चले इस धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने परिसर को पूरी तरह खाली कराया और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत करीब 250 लोगों को हिरासत में लेकर किंग्सवे कैंप पुलिस स्टेशन भेज दिया।
20 विपक्षी दलों के 300 से अधिक सांसद हुए शामिल
राहुल गांधी के दावे के अनुसार, इस मार्च और प्रदर्शन में 20 विपक्षी पार्टियों के 300 से ज्यादा सांसद शामिल हुए। इनमें समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी जैसे प्रमुख चेहरे शामिल रहे। धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिले बिना वहां से कहीं नहीं जाएंगे। हालांकि, जब पुलिस उन्हें हटाने पहुंची, तो कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। पुलिस कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए अन्य प्रमुख नेताओं में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा, केसी वेणुगोपाल और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग भी शामिल हैं।
शहर के ट्रैफिक और सुरक्षा का हवाला देकर पुलिस कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के अनुसार, आकाशवाणी भवन परिसर में चल रहे धरने और आसपास जमा भीड़ के कारण शहर में यातायात व्यवस्था बाधित हो रही थी। इसके चलते पुलिस ने शाम को कार्रवाई करते हुए धरनास्थल को पूरी तरह खाली करा दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली और मुंबई में पिछले 5 दिनों के भीतर विपक्ष का यह 7वां बड़ा प्रदर्शन था। इससे पहले बसों में बिठाए गए विपक्षी सांसदों ने भी जमकर नारेबाजी की थी, जिसके बाद अंततः पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत सभी प्रदर्शनकारियों को बस में बैठाकर हिरासत केंद्र भेज दिया।
