चंपावत के बनबसा स्थित एनएचपीसी (NHPC) भवन में मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। बैठक में कुल 24 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें युवाओं के लिए 200 करोड़ रुपये की स्किलिंग योजना, रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी और निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के नियमों में ढील देना प्रमुख रूप से शामिल है।
शिक्षा और युवाओं के लिए बड़े कदम
राज्य सरकार ने युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से 'मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना 2026' को मंजूरी दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस योजना पर 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे 1.19 लाख से अधिक छात्रों को AI और बाजार की जरूरतों के अनुसार स्किल आधारित कोर्स कराए जाएंगे। इसके अलावा, राज्य में निजी विश्वविद्यालय खोलने के नियम आसान कर दिए गए हैं। अब मैदानी इलाकों में 20,000 और पहाड़ी क्षेत्रों में 2,500 वर्गमीटर में विश्वविद्यालय खोले जा सकेंगे, और पहले से अनिवार्य 5 करोड़ रुपये के गारंटी फंड की शर्त भी खत्म कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक बदलाव
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए, कैबिनेट ने जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन और मानदेय (स्टाइपेंड) में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। प्रशासनिक मोर्चे पर, डेयरी और मत्स्य विभागों में बेहतर समन्वय के लिए महानिदेशक का नया पद सृजित किया जाएगा। वहीं, वन विभाग में आपात स्थितियों से निपटने के लिए कुमाऊं और गढ़वाल के मुख्य वन संरक्षकों को विभागाध्यक्ष घोषित किया गया है। टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में एक नया उप निबंधक कार्यालय भी खुलेगा, जो 133 गांवों को सेवाएं देगा। कुक्कुट आहार सब्सिडी अब सीधे लाभार्थियों के लिंक्ड बैंक खाते में DBT के माध्यम से दी जाएगी।
जमीन, संपत्ति और राजस्व से जुड़े फैसले
कैबिनेट ने पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार के लिए ₹66.29 करोड़ की धनराशि जारी करने को मंजूरी दी है। संपत्ति की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता लाने के लिए रजिस्ट्री के दौरान पैन (PAN) कार्ड का सत्यापन अब अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही, लालकुआं (नैनीताल) और जौनसार-बावर (देहरादून) में वर्ग-3 और वर्ग-4 की जमीन के पट्टेदारों को भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे। आर्थिक फैसलों में, सार्वजनिक संपत्तियों के मुद्रीकरण से मिलने वाली 92% आय अब संबंधित एजेंसी को दी जाएगी और राजकोषीय घाटे की सीमा को GSDP के 3% तक तय किया गया है। छठवें राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट भी आगामी विधानसभा सत्र में रखी जाएगी।
कानूनी संशोधन और विभागीय पुनर्गठन
विभागीय कामकाज को सुदृढ़ करने के लिए कई नियमों में बदलाव किए गए हैं। वन भूमि के मामलों के लिए 6 पदों के साथ एक नई प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) बनाई जाएगी। ग्रुप-C के तहत उप कारापाल के पद से इंटरव्यू खत्म कर दिया गया है और युवा कल्याण अधिकारी का पद लोक सेवा आयोग के दायरे से बाहर कर दिया गया है। सतर्कता विभाग की अधिसूचना को भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप संशोधित किया जाएगा और विभाग में 11 पुराने पद समाप्त कर नए पद बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 1873 का नहर अधिनियम निरस्त कर नया बिल लाया जाएगा, कर्मचारियों की संपत्ति के आचरण नियमों में बदलाव होगा, और सौंदर्यीकरण उपशाखा को समाप्त कर दिया गया है। जमींदारी विनाश नियमावली और वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा (2026) के नए नियमों को भी स्वीकृति मिल गई है।