अयोध्या के जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज को अस्पताल परिसर में जमीन पर करीब 200 मीटर तक घसीटे जाने का मामला सामने आया है। सोमवार दोपहर करीब 1 बजे की इस घटना का वीडियो मंगलवार को सामने आया। वीडियो में एक युवक मरीज के दोनों हाथ पकड़कर उसे फर्श पर घसीटता हुआ दिख रहा है। मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. राजेश सिंह ने कहा कि मरीज को घसीटने वाला व्यक्ति अस्पताल का स्टाफ नहीं है, बल्कि किसी दूसरे मरीज का अटेंडेंट था और वह मरीज की मदद कर रहा था।
मरीज 3 अक्टूबर को एंबुलेंस से लाया गया था
CMS डॉ. राजेश सिंह के मुताबिक, मरीज को 3 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया था। पहले उसे जनरल वार्ड में रखा गया। कोई तीमारदार नहीं होने की वजह से रविवार शाम करीब 7 बजे उसे लावारिस वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। फिलहाल वह इसी वार्ड में भर्ती है।
डॉक्टरों का कहना- मरीज ठीक से बोल भी नहीं पा रहा
डॉक्टरों के मुताबिक, मरीज नशे का आदी रहा है। उसे लिवर से जुड़ी बीमारी है। उसकी हालत ऐसी है कि वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा है। अपने घर-परिवार के बारे में भी नहीं बता पा रहा है। नशा नहीं मिलने की वजह से बेचैन भी है। कमजोरी की वजह से चल-फिर भी नहीं पा रहा है। कुछ खाने के तुरंत बाद टॉयलेट कर रहा है।
लैब से लावारिस वार्ड तक की दूरी करीब 200 मीटर
CMS डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 1 बजे मरीज को बलगम की जांच के लिए लैब ले जाया गया था। जांच के बाद मरीज को वार्ड में वापस आना था। उस समय शायद अस्पताल का कोई कर्मचारी उसके पास मौजूद नहीं था। इस वजह से वहां मौजूद एक व्यक्ति से उसने लावारिस वार्ड तक पहुंचाने के लिए कहा। वह व्यक्ति किसी अन्य मरीज का अटेंडेंट था। उसी ने मरीज को हाथ पकड़कर घसीटा। लैब से लावारिस वार्ड की दूरी करीब 200 मीटर है।
CMS ने क्या सफाई दी
CMS ने बताया कि उस व्यक्ति का कहना है कि वह मरीज की मदद कर रहा था। मरीज ने कहा था कि उसे लावारिस वार्ड तक पहुंचा दो। इसलिए ले जा रहा था। कुछ लोगों ने बताया कि तुम्हारा वीडियो बन रहा है, तो मैंने मरीज को वहीं छोड़ दिया। जब CMS से पूछा गया कि कुछ लोगों का कहना है कि युवक मरीज को इसी तरह पूरे रास्ते घसीटता हुआ ले गया, इस पर सीएमएस ने कहा कि मरीज को घसीटकर ले जाने के बारे में जैसे ही अस्पताल कर्मचारियों को पता चला, तो एक कर्मचारी ने उस व्यक्ति को रास्ते में ही रोक लिया। इसके बाद मरीज को स्ट्रेचर पर रखकर लावारिस वार्ड तक पहुंचाया गया।
समाजसेवी ने उठाए सवाल, लावारिस वार्ड के हालात पर चिंता
जिले के समाजसेवी ने इस घटना पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल के लावारिस वार्ड के हालात खराब हैं। यहां कोई कुछ देखने-सुनने वाला नहीं रहता। मरीज परेशान रहते हैं। उन्होंने कहा कि मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और जिला स्तर के अधिकारियों से करेंगे। लावारिस मरीजों की देखभाल और वार्ड की व्यवस्था की जांच होनी चाहिए।
जांच के लिए कमेटी गठित
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश सिंह का कहना है कि मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है।

