सार :
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई यूपी कैबिनेट बैठक में 39 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। सरकार के अनुसार, नोएडा के जेवर एयरपोर्ट का नाम 'नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट' करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा। इसके अलावा, अग्निवीरों को पुलिस व अन्य संबंधित तीन विभागों में 20% आरक्षण (अपने श्रेणी में) के साथ बिना परीक्षा सीधी भर्ती करने। प्रदेशवासियों को दीपावली पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने जैसे बड़े फैसले लिए गए हैं।
विस्तृत खबर:
जेवर एयरपोर्ट अब होगा 'नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट'
शुक्रवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम अब 'नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट' करने का प्रस्ताव पास कर दिया गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार, यह प्रस्ताव अब अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। सार्वजनिक प्रतिष्ठान का मोदी के नाम पर होने वाला यह दूसरा मामला है; इससे पहले 24 फरवरी 2021 को अहमदाबाद के स्टेडियम का नामकरण उनके नाम पर हुआ था। गौरतलब है कि 11 हजार करोड़ की लागत से 3300 एकड़ में बने इस एयरपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन पीएम मोदी ने 28 मार्च 2026 को किया था, जहां से सालाना 1.2 करोड़ यात्री सफर करेंगे। बैठक में पीएम मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर उनके सम्मान में एक अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया।
अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला: बिना परीक्षा मिलेगी सरकारी नौकरी
इस बैठक में युवाओं और रोजगार को लेकर अहम निर्णय लिए गए। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अग्निवीरों को पुलिस, परिवहन, कारागार और वन विभाग में 20 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएगा। सबसे बड़ी राहत यह है कि अग्निवीरों को आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट मिलेगी और उन्हें बिना किसी लिखित या शारीरिक परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) के सीधे जॉइनिंग लेटर दिया जाएगा।
मुफ्त गैस सिलेंडर और 18 शहरों में दौड़ेंगी एसी इलेक्ट्रिक बसें
त्योहारी सीजन को देखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का फैसला किया है। मंत्री मनोज पांडेय के अनुसार, इस योजना पर 2142.78 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहला सिलेंडर दीपावली के अवसर पर (अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच) और दूसरा होली पर (जनवरी से मार्च 2027 के बीच) मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश के 18 प्रमुख शहरों (जैसे आगरा, अयोध्या, लखनऊ, वाराणसी, नोएडा आदि) में 1,725 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें निजी ऑपरेटरों के माध्यम से चलाई जाएंगी, जिनका किराया सरकार तय करेगी।
कौशल विकास, धान खरीद और भदोही के नाम पर मुहर
यूपी को 'ग्लोबल मैनपावर हब' बनाने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण और रोजगार क्षेत्र (एसवीपीएसटीपीजेड) योजना को मंजूरी दी गई है। इसके पहले चरण में लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, गौतमबुद्ध नगर और झांसी में केंद्र बनेंगे। किसानों के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 65 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है और मक्का का खरीद मूल्य 10 रुपये बढ़ाकर 2,410 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
कैबिनेट ने कई अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं को भी हरी झंडी दी है। लखनऊ के वृंदावन विहार में 265 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मॉडल पर इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल बनेगा। प्रदेश के सभी 75 जिलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केंद्र खोले जाएंगे, जिसके लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एपेक्स कमेटी बनेगी। इसके अलावा, 3.90 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को एक अतिरिक्त साड़ी देने, आयुष (आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी) इंटर्न का भत्ता 7,500 से बढ़ाकर 15,000 रुपये करने और राज्य कर विभाग की GST ब्याज माफी योजना को मंजूरी दी गई है। वहीं, भदोही जिले का नाम बदलकर आधिकारिक तौर पर 'संत रविदास नगर भदोही' करने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया गया है।