संक्षेप
देहरादून के रेसकोर्स स्थित पुलिस लाइन में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस परेड के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस विभाग में 1,600 पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी, उनके परिजनों को सम्मानित किया और देहरादून में पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल बनाने के साथ-साथ विवेचकों को जांच किट देने की घोषणा की।
देहरादून पुलिस लाइन में शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के रेसकोर्स स्थित पुलिस लाइन में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस परेड का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की और देश तथा प्रदेश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति में पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के लिए बलिदान देने वाले शहीद पुलिसकर्मी केवल अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव होते हैं। उनका त्याग और साहस सभी के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद निरीक्षक धर्मेंद्र मलिक की पत्नी सुनीता और शहीद उप निरीक्षक विनोद पंवार की पत्नी नीलम को सम्मानित किया और उनके परिवारों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया।
1600 नए पदों पर भर्ती और ट्रांजिट हॉस्टल का ऐलान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं और पुलिस विभाग के लिए कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस विभाग में 1,600 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, विवेचकों को आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराई जाएगी, राजधानी देहरादून में एक आधुनिक पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा और पुलिस अस्पताल को भी अपग्रेड किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे भौगोलिक रूप से संवेदनशील राज्य में कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखना बेहद महत्वपूर्ण है।
चारधाम यात्रा और कानून-व्यवस्था में पुलिस की सराहना
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में चारधाम, हेमकुंड साहिब और कैंची धाम यात्रा का विशेष जिक्र करते हुए पुलिस के कार्यों की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इन धार्मिक स्थलों पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद पुलिस बल ने दिन-रात मेहनत करके उनकी सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित की, जिससे देश-दुनिया में देवभूमि का मान और सम्मान बढ़ा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के तनाव को कम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था संभालने के साथ-साथ डिजिटल और साइबर अपराधों से निपटने की दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे पुलिसकर्मियों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए ताकि वे अपनी ड्यूटी अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकें।
नशे और साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त रुख का दावा
नशे और डिजिटल अपराधों पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तराखंड में नशे के सौदागरों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि नशा समाज की नींव को कमजोर करता है और युवाओं के भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा है, इसलिए पुलिस को इस कारोबार पर सख्ती से रोक लगानी होगी। इसके साथ ही, बदलते वक्त के साथ पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस होकर साइबर अपराधियों से भी मुस्तैदी से निपटना होगा। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि कैसे पुलिसकर्मी अपने त्योहारों और परिवारों से दूर रहकर आम नागरिकों की सुरक्षा में तैनात रहते हैं, और सरकार उनके कल्याण व सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।