वैशाली जिले के राघोपुर इलाके में मंगलवार रात को हुआ दर्दनाक नाव हादसा, तेरहवीं के भोज में जा रहे थे 25 से अधिक लोग
वैशाली जिले के राघोपुर क्षेत्र में मंगलवार रात करीब 8:30 बजे गंगा नदी में एक नाव पलट जाने से 13 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के शिकार सभी बच्चे 6 से 18 वर्ष के बीच के बताए जा रहे हैं। इस हृदय विदारक दुर्घटना में मरने वालों में एक ही परिवार की 7 बच्चियां भी शामिल हैं। कुल 25 से अधिक लोग एक छोटी नाव पर सवार होकर नदी पार कर तेरहवीं के भोज में शामिल होने जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।
15 साल की चांदनी ने बचाई दो बच्चों की जान, चार घायलों का चल रहा इलाज
इस भीषण हादसे के दौरान बहादुरी दिखाते हुए 15 साल की लड़की चांदनी ने अपनी सूझबूझ से 2 बच्चों की जान बचा ली। वहीं, इस दुर्घटना में घायल हुए 4 लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जिनका इलाज फिलहाल पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही बच्चों के शव उनके पैतृक गांव पहुंच गए, जहां परिजनों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए पोस्टमॉर्टम करवाने से पूरी तरह इनकार कर दिया।
रामपुर श्यामचंद पंचायत के पास हुआ हादसा, कबीर पंथी परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार की तैयारी
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह हादसा रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला स्थित माता महारानी स्थान के पास सिंघेश्वर राय के घर आयोजित दावत में जाने के दौरान हुआ। छोटी नाव पर क्षमता से अधिक यानी 25 से ज्यादा लोगों के सवार होने को इस हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। हादसे में जान गंवाने वालों में लड़कियों की संख्या अधिक है। स्थानीय निवासी चंदन ने जानकारी दी कि वे कबीर पंथ को मानने वाले लोग हैं और उनके समुदाय में सालों से शव को नदी में प्रवाहित कर अंतिम संस्कार करने की परंपरा रही है। बच्चों के शवों को गंगा में प्रवाहित करने से पहले उनकी देह पर मिट्टी बांधी जा रही है, ताकि शव ऊपर न आ सकें।

