संक्षिप्त समाचार:
हरिद्वार में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों को 10% क्षैतिज आरक्षण देने, हरिद्वार में दूसरा मेडिकल कॉलेज खोलने, बाढ़ मैदान परिक्षेत्र नियमावली-2026 और बाल वीरता पुरस्कार योजना लागू करने जैसे प्रमुख निर्णय शामिल हैं।
हरिद्वार में पहली बार हुई कैबिनेट बैठक का घटनाक्रम
उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा तट स्थित मेला नियंत्रण भवन सभागार में सोमवार को पहली बार राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ प्रसिद्ध हरकी पैड़ी पर पूजा-अर्चना की, शंखनाद किया और गंगा जी का दुग्धाभिषेक कर आरती उतारी। सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूरी कैबिनेट ने यह धार्मिक अनुष्ठान किया। इसके पश्चात आयोजित कैबिनेट बैठक के फैसलों की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी द्वारा साझा की गई।
युवा, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए 13 बड़े फैसले
धामी कैबिनेट ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास और विभिन्न वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अपनी सहमति प्रदान की:
- अग्निवीरों को 10% क्षैतिज आरक्षण: राज्य के समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई। इसके तहत अग्निवीरों को लिखित परीक्षा, शारीरिक मानक परीक्षा, शारीरिक दक्षता और अधिकतम आयु सीमा में निर्धारित छूट व 10% क्षैतिज आरक्षण मिलेगा।
- मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना: विषम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अदम्य साहस, बहादुरी और दूसरों की जान बचाने वाले राज्य के वीर बच्चों को प्रोत्साहित करने हेतु इस विशेष पुरस्कार योजना की शुरुआत की गई है।
- बाढ़ संभावित क्षेत्रों के लिए नया नियम: 'उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026' को मंजूरी दी गई, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण कार्यों पर रोक लगेगी और जन-धन की हानि को कम किया जा सकेगा।
- अग्निशमन सेवाओं के लिए नया विधेयक: राज्य में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, औद्योगिक विकास और आपदा प्रबंधन को मजबूती देने के लिए 'उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026' को विधानसभा के पटल पर रखने की अनुमति दी गई।
- छोटे अपराधों में कानूनी राहत: 'द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026' के जरिए छोटी तकनीकी गलतियों और पुराने गैर-जरूरी प्रावधानों को हटाकर कानूनी जटिलताओं को कम करने का फैसला किया गया।
- हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज व शोध संस्थान: हरिद्वार में दूसरे मेडिकल कॉलेज और ईएसआई मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जुड़े प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। साथ ही ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के संचालन हेतु सोसाइटी गठन को मंजूरी दी गई, जहां आयुर्वेद, योग, ध्यान, ज्योतिष, दर्शन और ललित कला के केंद्र विकसित होंगे।
- विधानसभा सत्र और अन्य प्रशासनिक निर्णय: पांचवीं विधानसभा के वर्ष 2026 के तीसरे सत्र की तिथि और स्थान तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 215 पदों की निरंतरता बढ़ाने, परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92% हिस्सा संबंधित एजेंसियों को देने तथा भगवानपुर तहसील के सिसौना गांव में किफायती आवास परियोजना हेतु रास्ते की चौड़ाई में 3 मीटर की छूट देने जैसे फैसले भी लिए गए।
- केंद्र सरकार का आभार: राज्य के विकास में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के प्रति औपचारिक आभार व्यक्त किया गया।
मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पर विपक्ष पर मुख्यमंत्री का प्रहार
कैबिनेट बैठक के पश्चात संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम और अफवाह फैलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के पुराने बयानों का संदर्भ देते हुए कहा कि लगातार मिल रही चुनावी हार के कारण विपक्ष हताशा में है और चुनाव आयोग, ईवीएम व न्यायपालिका जैसी संस्थाओं पर अनर्गल सवाल उठा रहा है। धामी ने दावा किया कि देश की जनता इन अफवाहों से परे रहकर प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर अपना विश्वास बनाए हुए है।