संक्षेप
उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 की दोपहर 20 IPS अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस फेरबदल के तहत 10 जिलों के पुलिस कप्तान बदले गए हैं। सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के चलते मऊ के SP कमलेश बहादुर सिंह और जौनपुर में हुए गोलीकांड व लापरवाही के बाद SP कुंवर अनुपम सिंह समेत मुजफ्फरनगर, बाराबंकी और हापुड़ के कप्तानों को हटाकर साइडलाइन किया गया है।
उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 10 जिलों में नए कप्तानों की तैनाती
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार राज्य में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 20 IPS अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इस कार्रवाई के तहत 10 जिलों के पुलिस कप्तानों को बदल दिया गया है। आदेश के मुताबिक जौनपुर, मुजफ्फरनगर, बाराबंकी, हापुड़ और मऊ के पुलिस अधीक्षकों (SP) को पद से हटाते हुए साइडलाइन कर दिया गया है।
वहीं दूसरी ओर, जालौन, बागपत, गाजीपुर, बलिया और बस्ती जिलों के पुलिस कप्तानों को दूसरे जिलों की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा जुलाई में पदोन्नत हुए कुछ अफसरों को भी जिलों में SP के पद पर तैनात किया गया है।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां
शासन द्वारा जारी नई तबादला सूची के अनुसार कई वरिष्ठ और पदोन्नत अधिकारियों को महत्वपूर्ण तैनातियां दी गई हैं:
- रवीना त्यागी: लखनऊ की DCP रहीं रवीना त्यागी को बाराबंकी का नया SP नियुक्त किया गया है।
- सर्वेश कुमार मिश्रा: प्रयागराज PAC में सेनानायक (कमांडेंट) के पद पर तैनात सर्वेश कुमार मिश्रा को मऊ का SP बनाया गया है।
- पूर्णेंदु सिंह: DGP के स्टाफ ऑफिसर के रूप में कार्यरत पूर्णेंदु सिंह को बागपत जिले के SP पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- सुरेश चंद्र रावत: मथुरा में ASP (SP सिटी) के पद पर तैनात सुरेश चंद्र रावत को जालौन का नया पुलिस कप्तान बनाया गया है।
- मधुबन कुमार सिंह: आजमगढ़ के SP सिटी रहे मधुबन कुमार सिंह को हापुड़ का नया SP नियुक्त किया गया है।
उल्लेखनीय है कि जुलाई माह में 29 PPS अधिकारियों को पदोन्नति देकर IPS बनाया गया था, जिनमें से कई अफसर अब तक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर ही कार्यरत थे। इस फेरबदल में इनमें से कुछ पदोन्नत अफसरों को जिलों में SP के रूप में जिम्मेदारी दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और चंद्रशेखर के काफिले पर हमले के बाद गाज
तबादला सूची में कई कप्तानों को उनके जिलों में हुई घटनाओं और न्यायिक सख्ती के कारण हटाया गया है:
- मऊ SP कमलेश बहादुर सिंह: मऊ के एसपी कमलेश बहादुर सिंह को सुप्रीम कोर्ट की गंभीर नाराजगी के कारण पद से हटाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश दिया है कि वर्ष 2023 के बाद से मऊ में तैनात रहे सभी SP के खिलाफ कार्रवाई की जाए। शीर्ष अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव को 16 नवंबर तक की समयसीमा देते हुए रिपोर्ट मांगी है कि इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई।
- बाराबंकी SP अर्पित विजयवर्गीय: बाराबंकी के एसपी अर्पित विजयवर्गीय को हटाकर लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में DCP बनाया गया है। बाराबंकी में बीते दिनों आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर के काफिले पर पथराव की घटना हुई थी। मामले में बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज तो की गई थी, लेकिन कथित तौर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण यह कदम उठाया गया है।
लापरवाही, भ्रष्टाचार की शिकायतों और खराब तालमेल के कारण साइडलाइन हुए अफसर
तीन अन्य जिलों के कप्तानों को भी विवादों और कार्यशैली पर उठे सवालों के बाद हटाया गया है:
- जौनपुर SP कुंवर अनुपम सिंह: जौनपुर के करंजाकला में सितंबर महीने में हुए गोलीकांड और एक हत्या के मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई थी, जिसके बाद 10 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और कई थाना प्रभारियों का तबादला करना पड़ा था। इसके अलावा 24 सितंबर को लूट व वसूली के मामले में दो पुलिसकर्मियों समेत पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। लगातार सवाल उठने के बाद कुंवर अनुपम सिंह को PAC पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। बता दें कि वह पहली बार 2018 में आगरा में एक विवादित स्थल से RSS की शाखा बंद करवाने के बाद चर्चा में आए थे।
- हापुड़ SP ज्ञानंजय सिंह: हापुड़ में लंबे समय से तैनात ज्ञानंजय सिंह का अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल ठीक न होने की बात कही जा रही थी। इसके अलावा हापुड़ पुलिस में भ्रष्टाचार की शिकायतें लखनऊ तक पहुंची थीं। उन्हें अब हटाकर प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में DCP बनाया गया है।
- मुजफ्फरनगर SP संजय कुमार: वर्ष 2014 में PPS से IPS बने संजय कुमार की कार्यक्षमता पर मुजफ्फरनगर जैसे संवेदनशील जिले में सवाल उठ रहे थे। इसके चलते उन्हें साइडलाइन करते हुए प्रयागराज PAC में सेनानायक (कमांडेंट) बनाकर भेजा गया है।