सारांश :
उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की आयुक्त रोशन जैकब ने निर्देश दिए हैं कि 1 नवंबर से अस्पताल परिसरों की फार्मेसियों को दवाओं की वास्तविक खरीद और बिक्री दर की सूची प्रदर्शित करनी होगी, जिससे मरीज़ को वास्तविक कीमत पता चल सकेगी। इसके अलावा, सभी रिटेल फार्मेसियों को अपनी वेबसाइट बनाकर लाइसेंस और स्टॉक की जानकारी देनी होगी। वहीं, दवा कारोबारियों को राहत देते हुए 11 अक्टूबर 2026 से नए थोक लाइसेंस पर लगी रोक भी हटा ली जाएगी।
मरीजों के हित में बड़ा फैसला: अस्पताल की फार्मेसियों में मूल्य पारदर्शिता अनिवार्य
उत्तर प्रदेश में मरीजों को दवाओं की कीमतों के बारे में पारदर्शी जानकारी देने के लिए एफएसडीए ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग के अनुसार, अस्पताल परिसरों में संचालित होने वाली फार्मेसियों के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। अक्सर मरीजों के पास अस्पताल के अंदर से दवाएं खरीदने के अलावा कोई अन्य व्यावहारिक विकल्प नहीं होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, अब इन फार्मेसियों को मरीजों के हित में दवाओं की वास्तविक खरीद दर और बिक्री दर के आधार पर एक मूल्य सूची प्रदर्शित करनी होगी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को यह स्पष्ट जानकारी मिल सके कि संबंधित दवा किस कीमत पर खरीदी गई है और उन्हें किस दाम पर दी जा रही है।
रिटेल फार्मेसियों को बनानी होगी वेबसाइट, साप्ताहिक अपडेट अनिवार्य
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त रोशन जैकब द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी रिटेल फार्मेसियों को अपनी एक सार्वजनिक (पब्लिक) वेबसाइट तैयार करनी होगी। इस वेबसाइट पर फार्मेसी का लाइसेंस नंबर, वहां नियुक्त फार्मासिस्ट का विवरण, लाइसेंसी परिसर और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी अनिवार्य रूप से सार्वजनिक करनी होगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वेबसाइट पर उपलब्ध इस जानकारी को हर हफ्ते अपडेट भी करना होगा।
1 नवंबर से लागू होगी नई व्यवस्था, अधिकारियों को सख्ती के निर्देश
विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि फार्मेसियों से जुड़ी यह नई व्यवस्था 1 नवंबर से लागू होना अपेक्षित है। इसके लिए सभी क्षेत्रीय अधिकारियों और औषधि निरीक्षकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित फार्मेसियों में इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं। अब फार्मेसी से जुड़ी जरूरी जानकारी केवल विभागीय निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आम जनता के लिए भी पूरी तरह से सार्वजनिक होगी, जिससे इस पूरी व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी।
दवा कारोबारियों को त्योहार पर राहत: 11 अक्टूबर से बनेंगे नए थोक लाइसेंस
पारदर्शिता के इन नियमों के साथ-साथ एफएसडीए ने दवा कारोबारियों को भी बड़ी राहत दी है। आदेश के अनुसार, 23 जुलाई को नए थोक बिक्री लाइसेंस जारी किए जाने पर जो रोक लगाई गई थी, उसे आगामी नवरात्रि त्योहार के मद्देनजर हटाने का निर्णय लिया गया है। यह रोक 11 अक्टूबर 2026 से हटा ली जाएगी। संबंधित अधिकारियों को इस निर्णय के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे नए लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले व्यापारियों को बड़ा फायदा मिलेगा।
