संक्षेप:
1 अक्टूबर 2026 से देश में 5 बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 70 रुपये तक महंगे हो गए हैं, वहीं AC-TV और फ्रिज के दामों में भी 3% से 8% तक की वृद्धि हुई है। इसके अलावा, बिना e-KYC के LPG सब्सिडी पर रोक लगेगी। वहीं 15 अक्टूबर से कुछ मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगेगा और RBI जल्द ही रेपो रेट पर अहम फैसला लेगा।
1 अक्टूबर 2026 से आम आदमी की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डालने वाले कई अहम नियम बदल गए हैं। गैस सिलेंडर, डिजिटल पेमेंट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़े इन 5 प्रमुख बदलावों के बारे में विस्तार से जानना आपके लिए बेहद जरूरी है:
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 70 रुपये तक महंगा
तेल कंपनियों के अनुसार, कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में 70 रुपये तक का इजाफा किया गया है। इसके चलते रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च बढ़ेगा, जिसका सीधा असर चाय-नाश्ते और शादियों की कैटरिंग के बिल पर पड़ सकता है। नई दरों के मुताबिक, अब यह सिलेंडर दिल्ली में 2810 रुपये, कोलकाता में 2954 रुपये और मुंबई में 2764.50 रुपये में मिलेगा।
e-KYC नहीं तो रुकेगी LPG सब्सिडी
गैस सब्सिडी पाने वाले ग्राहकों के लिए 1 अक्टूबर से बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (e-KYC) अनिवार्य कर दिया गया है। नए नियमों के अनुसार, जिन लोगों ने अपना e-KYC पूरा नहीं कराया है, वे अब सब्सिडी वाले रेट पर गैस बुक नहीं कर पाएंगे। हालांकि, गैस की सामान्य बुकिंग और सप्लाई बंद नहीं होगी। जैसे ही ग्राहक अपना वेरिफिकेशन पूरा कर लेंगे, उन्हें फिर से सब्सिडी का लाभ मिलने लगेगा।
AC-TV और फ्रिज खरीदना हुआ महंगा
त्योहारी सीजन से पहले इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों ने AC, LED टीवी, वॉशिंग मशीन और फ्रिज की कीमतों में 3% से 8% तक की बढ़ोतरी कर दी है। साल 2026 में यह तीसरी बार है जब कीमतें बढ़ाई गई हैं। बताया जा रहा है कि इंटरनेशनल मार्केट में तांबे, स्टील, एल्युमीनियम और क्रूड ऑयल जैसे कच्चे माल की कीमतों में आई तेजी के कारण यह फैसला लिया गया है। हालांकि, डीलरों के पास करीब डेढ़ महीने का पुराना स्टॉक होने के कारण ग्राहकों को दिवाली तक पुरानी दरों पर सामान मिलने की उम्मीद है।
15 अक्टूबर से बड़े UPI पेमेंट्स पर लगेगा मर्चेंट चार्ज
डिजिटल पेमेंट के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया जा रहा है। 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होगा। राहत की बात यह है कि आम ग्राहकों (पर्सन-टू-पर्सन ट्रांजैक्शन) पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। साथ ही, जिन छोटे दुकानदारों की महीने की कुल UPI कमाई 1 लाख रुपये तक है, उनके लिए भी सभी ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे।
RBI की बैठक: बढ़ सकती है आपकी EMI
5 से 7 अक्टूबर 2026 के बीच RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की अहम बैठक होने जा रही है। 7 अक्टूबर को रेपो रेट पर अंतिम फैसला लिया जाएगा कि इसे स्थिर रखा जाए या बढ़ाया जाए। अगस्त की समीक्षा के बाद से रेपो रेट 5.25% पर है। जानकारों का दावा है कि इस बार इसमें 0.25% की बढ़ोतरी की जा सकती है। यदि ऐसा होता है, तो बैंकों द्वारा होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें बढ़ा दी जाएंगी, जिससे ग्राहकों की EMI महंगी हो जाएगी।
