सारांश :
केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बावजूद घरेलू बाजार में चीनी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तर प्रदेश की निजी मिलों द्वारा दाम कम करने से इनकार के बाद महाराष्ट्र और गुजरात की मिलों ने भी दरें बढ़ा दी हैं। 10 सितंबर 2026 तक एक्स-मिल कीमतें 5,000 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच गईं। जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी की त्योहारी मांग, व्यापारियों के पास कम स्टॉक और ट्रकों की कमी ने इस तेजी को और हवा दी है।
एक्स-मिल और थोक बाजार में चीनी ₹5,000 के पार
बिजनेस डेस्क की रिपोर्ट और उद्योग सूत्रों के अनुसार, चीनी की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदम बेअसर साबित हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश की अधिकांश निजी चीनी मिलों ने कीमतें कम करने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। इसके चलते महाराष्ट्र और गुजरात की मिलों ने भी अपने ऑफर रेट बढ़ा दिए हैं, जिससे दो सप्ताह में पहली बार चीनी के दाम 5,000 रुपये प्रति क्विंटल का स्तर पार कर गए। सप्ताह की शुरुआत से अब तक चीनी की कीमतों में 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुधवार को एक्स-मिल चीनी के भाव 4,900 रुपये से 5,100 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किए गए।
जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी पर मांग बढ़ी, व्यापारियों के पास कम स्टॉक
रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्यापारियों का अनुमान था कि सरकारी हस्तक्षेप के बाद कीमतों में और गिरावट आएगी, जिसके चलते उन्होंने बड़ा स्टॉक जमा नहीं किया। इससे बाजार में आपूर्ति की "हैंड-टू-माउथ" स्थिति उत्पन्न हो गई। इसी बीच कृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी जैसे लगातार त्योहारों के कारण अचानक मांग बढ़ गई। व्यापारियों के पास सीमित स्टॉक और बढ़ती त्योहारी मांग का फायदा उठाते हुए मिलों ने चालू सप्ताह में कीमतें बढ़ा दीं। इसके अतिरिक्त, बाजार में ट्रकों की उपलब्धता में आई कमी ने भी आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है।
यूपी और महाराष्ट्र की कीमतों में अंतर और 8 सितंबर का घटनाक्रम
आमतौर पर महाराष्ट्र की चीनी उत्तर प्रदेश की तुलना में लगभग 200 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती बिकती है। हालांकि, बीते सप्ताह दोनों राज्यों की कीमतों का यह अंतर बढ़कर 600 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक हो गया था। उत्तर प्रदेश की मिलों द्वारा ऊंची कीमतें बनाए रखने के कारण महाराष्ट्र की मिलों ने भी दाम बढ़ाना शुरू कर दिया। उद्योग सूत्रों के अनुसार, 8 सितंबर को महाराष्ट्र की मिलों ने अपने पहले सप्ताह का बिक्री कोटा पूरा करने के बाद दरों में 600 रुपये से 700 रुपये प्रति क्विंटल तक की भारी बढ़ोतरी कर दी।
खुदरा बाजार में ₹70 के पार भाव और खाद्य मंत्रालय के कड़े नियम
खुदरा बाजार में चीनी के दाम 70 रुपये प्रति किलो से ऊपर चले जाने के बाद खाद्य मंत्रालय ने कई कदम उठाए। सरकार ने बिक्री कोटा प्रणाली, स्टॉक सीमा और कच्चे चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात से जुड़े फैसले किए। मंत्रालय ने मासिक बिक्री कोटा प्रणाली को बदलकर अब पखवाड़ा (15 दिवसीय) आधारित कर दिया है। नए नियमों के तहत चीनी मिलों को आवंटित कुल कोटे का 40 प्रतिशत हिस्सा पहले सप्ताह में और शेष 60 प्रतिशत हिस्सा दूसरे सप्ताह में बेचना अनिवार्य किया गया है।