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राम मंदिर को मिला पहला CEO, पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को कमान : गोविंद देव गिरि बने नए महासचिव

संक्षिप्त विवरण: 

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है, जबकि कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को नया महासचिव बनाया गया है। इसके साथ ही दिल्ली के महेश भागचंदका को नया कोषाध्यक्ष चुना गया है इसके अलावा अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव ट्रस्ट के नए सदस्यों में शामिल हैं।



ट्रस्ट की बैठक में प्रशासनिक बदलाव और नई नियुक्तियां

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए संगठन के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा पुनर्गठन किया गया है। ट्रस्ट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भारतीय वायु सेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। वहीं, अब तक कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे स्वामी गोविंद देव गिरि को ट्रस्ट का नया महासचिव बनाया गया है। बैठक में नए ट्रस्टी के रूप में शामिल किए गए दिल्ली के उद्योगपति महेश भागचंदका को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

इस पुनर्गठन के तहत ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को भी स्थान दिया गया है। इनमें दिल्ली के महेश भागचंदका के अलावा अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की आरएसएस समर्थक निर्मला यादव शामिल हैं। निर्मला यादव श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी बनी हैं। नई प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार, नए CEO और नए कोषाध्यक्ष सीधे महासचिव गोविंद देव गिरि को रिपोर्ट करेंगे।



क्यों चुने गए पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा?

सूत्रों और विवरण के अनुसार, मंदिर में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और दैनिक संचालन को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक पूर्णकालिक सक्षम अधिकारी की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। ट्रस्ट चाहता था कि मंदिर का प्रशासन सीधे उसके नियंत्रण में रहे, इसलिए किसी सेवारत सरकारी आईएएस अधिकारी के स्थान पर सैन्य प्रशासनिक अनुभव रखने वाले सेवानिवृत्त अधिकारी को प्राथमिकता दी गई। CEO के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी, जिसकी सिफारिश के आधार पर जीतेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई गई।

पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे और लगभग 39 वर्षों की सेवा के बाद 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया था, जिसके लिए उन्हें सर्वोच्च युद्ध सेवा मेडल (SYSM) से सम्मानित किया जा चुका है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी जीतेंद्र मिश्रा के पास विशाल सैन्य और प्रशासनिक अनुभव है। अब उनके नेतृत्व में इंजीनियरों, वित्तीय विशेषज्ञों और लगभग 1,500 से 2,000 कर्मचारियों की एक पेशेवर टीम मंदिर की सुरक्षा, AI कैमरों, चढ़ावे की निगरानी और दैनिक प्रबंधन का कार्य संभालेगी।

चढ़ावा चोरी प्रकरण और इस्तीफे के बाद की पृष्ठभूमि

ट्रस्ट में यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में चोरी का मामला सामने आने के लगभग तीन महीने बाद हुआ है। इस मामले में 8 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। घटनाक्रम के बाद 2 जुलाई को ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सेवानिवृत्त आईएफएस (IFS) अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी दी गई थी, जिन्होंने 58 दिनों तक इस पद का कार्यभार संभाला।

नए महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि की भूमिका

ट्रस्ट के नए महासचिव बनाए गए स्वामी गोविंद देव गिरि 5 फरवरी 2020 को ट्रस्ट के गठन के समय से ही कोषाध्यक्ष के रूप में वित्तीय जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर किए गए 11 दिवसीय अनुष्ठान के दौरान भी मुख्य भूमिका में थे। चढ़ावा चोरी विवाद के दौरान उन्होंने वित्तीय पारदर्शिता के लिए बिना जेब वाली वर्दी और सीसीटीवी कैमरों की सीधी निगरानी में चढ़ावे की गिनती जैसे कड़े नियम लागू कराए थे। छः भाषाओं के जानकार स्वामी गोविंद देव गिरि मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के उपाध्यक्ष भी हैं और देश भर में 37 वेद विद्यालय संचालित कर रहे हैं।

राम मंदिर के पास उपलब्ध संपत्ति और आर्थिक लेखा-जोखा

ट्रस्ट की बैठक में रखे गए वित्तीय ब्यौरे के अनुसार, राम मंदिर निर्माण से लेकर अब तक कुल 32 किलोग्राम सोना और 1,518 किलोग्राम चांदी चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुई है। प्राप्त चांदी को 'सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया' के माध्यम से गलवाकर 99.99 प्रतिशत शुद्ध चांदी की ईंटें तैयार कराई गई हैं, जिन्हें बैंक लॉकरों में सुरक्षित रखा गया है।

वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास भारतीय स्टेट बैंक (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक के खातों में कुल ₹1,876 करोड़ की राशि जमा है। मंदिर निर्माण के दौरान कुल ₹3,264 करोड़ की समर्पण निधि प्राप्त हुई थी, जबकि चढ़ावे के रूप में ₹582 करोड़ मिले। व्यय के आंकड़ों के अनुसार, अब तक मंदिर निर्माण पर ₹2,370 करोड़ और प्रबंधन तथा व्यवस्थाओं पर ₹391 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने ट्रस्ट में रिक्त पदों को भरे जाने पर संतोष व्यक्त किया है।

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