सारांश :
उत्तर प्रदेश के आगरा, वाराणसी और लखनऊ में राज्य सरकार द्वारा पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच तैयार होने वाले इन मॉल्स में प्रदेश के 75 जिलों के ओडीओपी और पारंपरिक उत्पाद एक ही छत के नीचे मिलेंगे। इससे स्थानीय कारीगरों को बड़ा बाजार और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वाराणसी केंद्र में बनारसी साड़ी, लकड़ी के खिलौने, रुद्राक्ष और जरी-जरदोजी जैसे पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक कारीगरी और हस्तशिल्प को नया बाजार उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों—आगरा, वाराणसी और लखनऊ में आधुनिक 'पीएम यूनिटी मॉल' का निर्माण कार्य जोरों पर है। इन मॉल्स का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सभी 75 जिलों के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) और जीआई-टैग वाले उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
आगरा: 128.85 करोड़ की लागत से शिल्पग्राम में आकार ले रहा मॉल
आगरा के शिल्पग्राम क्षेत्र में 11.53 एकड़ जमीन पर करीब 128.85 करोड़ रुपये की लागत से 6 मंजिला यूनिटी मॉल बन रहा है, जिसमें कुल 135 दुकानें होंगी। वर्तमान में बेसमेंट की खुदाई, पीसीसी, आरसीसी और रिटेनिंग वॉल का कार्य 100% पूरा हो चुका है। इस मॉल में ब्रज क्षेत्र, आगरा और फिरोजाबाद के हस्तशिल्प उत्पादों को विश्वस्तरीय बाजार मिलेगा। इस परियोजना के नवंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
वाराणसी: 154.71 करोड़ से बन रहे मॉल में मिलेगी काशी की विरासत
वाराणसी की गंगानगर कॉलोनी में 1.46 एकड़ क्षेत्र में 154.71 करोड़ रुपये की लागत से यह मॉल बनाया जा रहा है। इसमें कुल 6 फ्लोर और 111 दुकानें होंगी। छत की स्लैब और डी-वाल ढलाई पूरी हो चुकी है, जबकि बेसमेंट 3 का फाउंडेशन कार्य प्रगति पर है। दिसंबर 2026 तक तैयार होने की संभावना वाले इस केंद्र में बनारसी साड़ी, लकड़ी के खिलौने, रुद्राक्ष और जरी-जरदोजी जैसे पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।
लखनऊ: अवध शिल्पग्राम में 139 दुकानों के साथ अक्टूबर 2026 तक तैयार होगा मॉल
राजधानी लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में 4.86 एकड़ भूमि पर 64 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल विकसित किया जा रहा है। दुकानों की फिनिशिंग और एडमिन ब्लॉक का स्ट्रक्चर पूरा हो चुका है, जबकि ब्रिक वर्क और लिफ्ट का काम जारी है। 6 मंजिला इस मॉल में 139 दुकानें होंगी, जहां अवध क्षेत्र की प्रसिद्ध चिकनकारी और जरी-जरदोजी को बड़ा बाजार मिलेगा। इसके आगामी अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
रोजगार और स्वदेशी व्यापार को मिलेगी नई संजीवनी
केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बनने वाले ये मॉल राज्यों में स्थानीय उत्पादों की बिक्री और ब्रांडिंग का बड़ा केंद्र बनकर उभरेंगे। इन मॉल्स के माध्यम से शिल्पकारों, महिलाओं और युवाओं को सीधे बड़े बाजार से जुड़ने का मौका मिलेगा। एक ही स्थान पर 75 जिलों के उत्पादों की बिक्री से न केवल कारीगरों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य में पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।