उत्तर प्रदेश में 72 घंटे से जारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। शनिवार, 26 सितंबर 2026 की शाम तक प्रदेश भर में हादसों के कारण 58 लोगों की जान जा चुकी है। कच्चे मकान ढहने, जगह-जगह पेड़ और बिजली के पोल उखड़ने से आपूर्ति और यातायात बुरी तरह बाधित हुआ है। सीतापुर और लखीमपुर खीरी में छह-छह, बहराइच और गोरखपुर में पांच-पांच, अयोध्या, बलरामपुर और हरदोई में चार-चार मौतें दर्ज की गई हैं। रविवार को मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और बरेली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और तराई के नौ जिलों में येलो अलर्ट है। सोमवार से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना जताई गई है।
बारिश और हादसों से यूपी में 58 मौतें, अवध क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित
बृहस्पतिवार की आधी रात से उत्तर प्रदेश में शुरू हुई चक्रवाती बारिश शनिवार शाम तक कहर बनकर बरसी। प्रदेश भर में कच्चे मकान ढहने, जगह-जगह पेड़ और बिजली के पोल उखड़ने से आपूर्ति और यातायात बुरी तरह बाधित हुआ है। इस विनाशकारी बारिश के कारण हुए हादसों में प्रदेश भर में कथित तौर पर 58 लोगों की जान जा चुकी है। मौतों का सबसे बड़ा आंकड़ा अवध क्षेत्र से है, जहां 26 लोगों ने जान गंवाई। सीतापुर और लखीमपुर खीरी में छह-छह, बहराइच और गोरखपुर में पांच-पांच, अयोध्या, बलरामपुर और हरदोई में चार-चार मौतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा बाराबंकी, हमीरपुर, गोंडा, कानपुर, मैनपुरी सहित कई अन्य जिलों में भी जनहानि हुई है।
मौसम का टूटा रिकॉर्ड, कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को लखीमपुर खीरी में सर्वाधिक 342 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बांदा (245.6 मिमी) और हमीरपुर (210 मिमी) में एक दिन की बारिश का अब तक का रिकॉर्ड टूट गया है, जबकि कानपुर में 175.4 मिमी बारिश के साथ 45 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त हुआ है। तापमान के मामले में भी गिरावट आई है; बरेली में अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सितंबर के प्रेक्षण इतिहास में सबसे कम है। इटावा, मुरादाबाद और आगरा में भी सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। विभाग के अनुसार, रविवार को मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और बरेली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और तराई के नौ जिलों में येलो अलर्ट है। सोमवार से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना जताई गई है।
राजधानी लखनऊ में भारी जलभराव, उड़ानें और ट्रेनें प्रभावित
राजधानी लखनऊ में लगातार बारिश से आम जनजीवन बेहाल है। फैजुल्लागंज, जानकीपुरम, अलीगंज और गोमतीनगर समेत कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के कारण वाहन पलटते दिखे और पुरनिया ओवरब्रिज के नीचे गड्ढों में ऑटो और ई-रिक्शा की सवारियां गिर गईं। निशातगंज में करीब 150 साल पुराना बरगद का पेड़ गिर गया। नगर निगम के अनुसार शहर के विभिन्न जोनों में 125 से अधिक पेड़ गिरे हैं, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए, हालांकि जनहानि नहीं हुई। चारबाग रेलवे स्टेशन के सरकुलेटिंग एरिया और ट्रैक पर जलभराव के कारण लखनऊ मंडल के कई रेलखंडों पर ट्रेनों की गति धीमी कर दी गई। इसके अलावा, शुक्रवार रात लखनऊ आने वाली छह उड़ानों (गोवा, बंगलूरू, हैदराबाद, इंदौर आदि से) को भारी बारिश और कम दृश्यता के चलते दिल्ली और नोएडा डायवर्ट करना पड़ा, जो शनिवार सुबह वापस लौटीं।
प्रशासन हाई अलर्ट पर, नेपाल की बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा
लगातार हो रही बारिश और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए राहत एवं बचाव प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए हैं। नेपाल में हो रही भारी बारिश के मद्देनजर पूर्वी उत्तर प्रदेश और सीमावर्ती जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसके लिए बाढ़ राहत दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मौसम सामान्य होने में 24 घंटे से अधिक का समय लग सकता है। किसी भी आपदा की स्थिति में नागरिक तत्काल सहायता के लिए राहत हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।