लोड किया जा रहा...

प्राइवेट पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री पर लगी सीमा : जियो और नायरा पंपों से 50 से 70 लीटर ही मिलेगा ईंधन

संक्षिप्त समाचार

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सऊदी अरामको से फिर आपूर्ति प्रभावित होने के चलते कच्चे तेल के दाम 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। इससे होने वाले भारी नुकसान से बचने के लिए जियो और नायरा जैसे निजी पेट्रोल पंपों ने डीजल की बिक्री पर 50 से 70 लीटर तक की सीमा तय कर दी है। हालांकि, सरकारी पेट्रोल पंपों पर बिना किसी पाबंदी के पूरा ईंधन मिल रहा है। डीजल आपूर्ति में आई इस चुनौती का एक प्रमुख कारण सऊदी अरब की प्रमुख तेल कंपनी 'सऊदी अरामको' की पाइपलाइन पर हुआ हमला है। तेल कंपनियों को पेट्रोल की बिक्री पर लगभग 8 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 9 रुपये प्रति लीटर का सीधा घाटा उठाना पड़ रहा है।

निजी पंपों पर डीजल बिक्री की सीमा तय

देश में निजी क्षेत्र की तेल कंपनियों ने अपने पेट्रोल पंपों पर डीजल देने की सीमा निर्धारित कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जियो-बीपी (Jio-BP) के पंपों पर एक वाहन को एक बार में केवल 50 लीटर तक ही डीजल दिया जा रहा है, जबकि कुछ पंपों पर पूरे दिन में अधिकतम 6,000 लीटर डीजल बेचने का नियम लागू किया गया है। वहीं, नायरा एनर्जी (Nayara Energy) के पेट्रोल पंपों पर प्रति वाहन 70 से 200 लीटर तक ही डीजल दिया जा रहा है।

हालांकि, देश के 90 प्रतिशत से अधिक पेट्रोल पंप संचालित करने वाली सरकारी तेल कंपनियों—इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के पंपों पर इस तरह की कोई पाबंदी नहीं है। वहां उपभोक्ताओं को पहले की तरह सामान्य रूप से डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

कच्चे तेल के दाम में भारी उछाल और कंपनियों को नुकसान

डीजल बिक्री पर सीमा लगाने की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल है। मिडिल ईस्ट में नए सिरे से उपजे तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। बीते 21 सितंबर को भारत द्वारा खरीदे जाने वाले कच्चे तेल का मूल्य बढ़कर 117.4 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया, जबकि इस वर्ष इसका औसत मूल्य लगभग 66 डॉलर प्रति बैरल रहा था।

कच्चा तेल महंगा होने के बावजूद देश में आम जनता के लिए पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके परिणामस्वरूप, तेल कंपनियों को पेट्रोल की बिक्री पर लगभग 8 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 9 रुपये प्रति लीटर का सीधा घाटा उठाना पड़ रहा है। इसी वित्तीय नुकसान को कम करने के लिए निजी कंपनियों ने सीमित मात्रा में डीजल बेचने का निर्णय लिया है।

सऊदी अरामको से आपूर्ति रुकी और लॉजिस्टिक्स पर असर

डीजल आपूर्ति में आई इस चुनौती का एक प्रमुख कारण सऊदी अरब की प्रमुख तेल कंपनी 'सऊदी अरामको' (Saudi Aramco) की पाइपलाइन पर हुआ हमला भी है। इस हमले के बाद कंपनी ने भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी है, जिससे भारतीय कंपनियों को अन्य स्रोतों से अधिक कीमत पर तेल खरीदना पड़ रहा है।

इस व्यवस्था के कारण लंबी दूरी के ट्रकों और माल ढोने वाले वाहनों के संचालन पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेषकर ग्रामीण इलाकों और राष्ट्रीय राजमार्गों के उन हिस्सों में, जहां पेट्रोल पंप दूर-दूर स्थित हैं, चालकों को एक बार में पर्याप्त डीजल न मिलने से यात्रा में रुकावट आ सकती है।

हालांकि, संबंधित अधिकारियों का कहना है कि देश में डीजल का संकट या किल्लत नहीं है। यह कदम केवल निजी कंपनियों द्वारा घाटे से बचने के लिए उठाया गया एक अस्थायी निर्णय है।

उत्तर प्रदेश (UP)
उत्तराखंड (UK)
पीछे जाएं
नमस्‍कार,
यूज़र
कोई ज़िला नहीं चुना
ज़िला बदलें
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मैसेज करें
पोस्टर बनाएं
सभी कैटेगरी
आपकी सेव की गई ख़बरें
ख़बरों का फ़ॉन्ट साइज़ (Font Size)

प्रोफ़ाइल संपादित करें

पीछे जाएं

यह है सैंपल हेडलाइन (Sample Title)

यह है सैंपल कंटेंट टेक्स्ट जिसे आप छोटा या बड़ा करके देख सकते हैं।

सबसे ज्यादा यूजर्स द्वारा चुना गया और सबसे बेहतर अनुभव देने वाला फ़ॉन्ट साइज़ 3 है।
छोटा
1
2
3
4
5
बड़ा
पीछे जाएं
पीछे जाएं

आपके लिए

लॉगिन करें
या (Or)
लॉगिन करने से आप हमारी नियम व शर्तें और प्राइवेसी पॉलिसी से सहमत होते हैं।
आपकी प्रोफ़ाइल