बुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी कैब सेवा 'भारत टैक्सी' लॉन्च की और खुद उसमें सफर भी किया। इसके तहत अब ड्राइवरों को 100% कमाई और 5 लाख रुपये की सुरक्षा गारंटी मिलेगी, और आम जनता को सस्ते में कैब सुविधा मिल सकेगी। वहीं, डिप्टी सीएम ने युवाओं से प्राइवेट और विदेशी कंपनियों की नौकरी छोड़ दिन में 4 घंटे अपनी कैब चलाने की अपील की है। ऐप में यात्रियों के लिए 'नो-सर्ज प्राइसिंग' (किराया न बढ़ने) की सुविधा भी होगी।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की पहली सरकारी कैब सेवा 'भारत टैक्सी' को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान उन्होंने कैब में बैठकर सवारी भी की। सरकार के अनुसार, सहकारिता मंत्रालय की यह पहल ओला-उबर जैसी प्राइवेट कंपनियों के एकाधिकार को तोड़ने और यात्रियों को सस्ती यात्रा मुहैया कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
जीरो कमीशन और नो-सर्ज प्राइसिंग: भारत टैक्सी के फायदे
'भारत टैक्सी' के माध्यम से ऑटो-रिक्शा, कार और बाइक की सेवाएं उपलब्ध होंगी। सरकारी पहल होने के कारण इसमें पारदर्शिता अधिक होगी। इसका ऐप ओला-उबर की तर्ज पर बनाया गया है, जो हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी भाषाओं में उपलब्ध है। सबसे बड़ी खासियत यह है कि ड्राइवरों को अपनी हर राइड की 100% कमाई मिलेगी। उन्हें केवल एक सामान्य दैनिक, साप्ताहिक या मासिक शुल्क देना होगा। इसके अलावा, यात्रियों के लिए पीक ऑवर्स (ज्यादा व्यस्त समय) में किराया अचानक नहीं बढ़ेगा। सीएम योगी ने बताया कि अब तक असंगठित रहे टैक्सी ड्राइवरों को 5 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा गारंटी भी दी जा रही है।
नौकरी और विदेशी कंपनियों के चक्कर में न पड़ें: डिप्टी सीएम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, "भारत टैक्सी को अपनाएं—अपना पैसा, अपनी मोटर और अपना ड्राइवर।" उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे प्राइवेट और विदेशी कंपनियों की नौकरी के चक्कर में न पड़ें, बल्कि दिन में 4 घंटे अपनी टैक्सी चलाएं। पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार में 'कट्टा संस्कृति' थी, जबकि आज 'कलम संस्कृति' से लोग कमा रहे हैं। उन्होंने सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर की प्रशंसा करते हुए कहा कि कभी बीमारू रहने वाला सहकारिता विभाग अब फायदे में है। वहीं, केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर ने बताया कि बुधवार को लखनऊ के साथ-साथ गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में भी भारत टैक्सी सेवा शुरू की गई है।
भैंसा चोरी, दंगे और 14 लाख CCTV कैमरों का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी ने पिछली सरकारों की कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी में हालात इतने खराब थे कि यदि भैंसागाड़ी से जाने वाला व्यक्ति चाय पीने रुकता था, तो उसका भैंसा चोरी हो जाता था और टैक्सियों के टायर गायब हो जाते थे। महीनों कर्फ्यू और दंगे होते थे। लेकिन अब राज्य में 14 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे अगर कहीं चोरी हुई तो अगले चौराहे पर इलाज का इंतजाम है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता तरक्की का प्रतीक बन रही है। यदि शक्ति सकारात्मक सोच वालों के हाथ में हो, तो समाज और राष्ट्र सुरक्षित रहता है।
किसानों के लिए लॉन्च हुए नए पोर्टल और 'सेतु ऐप'
भारत टैक्सी के अलावा, सीएम योगी ने किसानों के लिए 'कृषक समृद्धि योजना' का पोर्टल और उर्वरक-बीज के लिए 'सेतु ऐप' भी लॉन्च किया। साथ ही किसानों को लोन के चेक और ड्राइवरों को प्रमाण पत्र बांटे। सीएम ने घोषणा की कि किसानों को अब 11 फीसदी के बजाय 6 फीसदी ब्याज दर पर लोन मिलेगा। इसके तहत 10 लाख रुपये तक की लोन सुविधा मिलेगी, जिसका लाभ 5 लाख लघु और सीमांत किसानों को दिया जाएगा।
सीएम ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले किसान हताश थे और बिचौलिए हावी थे। 2017 में सरकार बनते ही 36 हजार करोड़ रुपये के ऋण माफ किए गए। सरयू नहर, अर्जुन सहायक, बाण सागर और मध्य गंगा जैसी लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा कर 24 लाख अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। आज किसानों को मुफ्त सिंचाई और मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।