सारांश :
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने बेसिक शिक्षा परिषद के करीब 62 हजार सेवारत शिक्षकों के लिए स्पेशल TET परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह परीक्षा 3 नवंबर 2026 को आयोजित होगी, जिसके लिए 5 सितंबर से 4 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नौकरी की सुरक्षा के लिए कार्यरत शिक्षकों के लिए यह परीक्षा पास करना अनिवार्य है। कुल 1.86 लाख शिक्षकों में से लगभग 1 लाख शिक्षक UPTET और करीब 22 हजार शिक्षक CTET पहले ही पास कर चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 62 हजार शिक्षकों को मिलेगी संजीवनी
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार के अनुसार, इस विशेष परीक्षा से प्रदेश के करीब 62 हजार शिक्षकों, अनुदेशकों और संविदा पर कार्यरत अध्यापकों को बड़ी राहत मिलने का दावा किया गया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के पिछले साल 1 सितंबर को आए आदेश के तहत सभी सेवारत शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना अनिवार्य कर दिया गया था, जिससे यूपी के करीब 1.86 लाख शिक्षकों की नौकरी पर संकट आ गया था।
बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी कार्ययोजना के मुताबिक, कुल 1.86 लाख शिक्षकों में से लगभग 1 लाख शिक्षक UPTET और करीब 22 हजार शिक्षक CTET पहले ही पास कर चुके हैं। ऐसे में अब केवल 62 हजार कार्यरत शिक्षकों को ही इस परीक्षा में बैठना होगा। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि इस निर्णय से वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को बहुत बड़ा संबल मिलेगा।
परीक्षा पैटर्न: ढाई घंटे में 150 सवाल और कोई निगेटिव मार्किंग नहीं
स्पेशल TET परीक्षा कुल 150 अंकों की होगी और इसके लिए अभ्यर्थियों को ढाई घंटे (150 मिनट) का समय दिया जाएगा। परीक्षा में बहुविकल्पीय (ऑब्जेक्टिव) प्रकार के सवाल पूछे जाएंगे और प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। राहत की बात यह है कि इस परीक्षा में माइनस मार्किंग (निगेटिव मार्किंग) का प्रावधान नहीं रखा गया है।
- सामान्य वर्ग: पास होने के लिए कम से कम 60% यानी 90 अंक लाना अनिवार्य है।
- आरक्षित व अन्य वर्ग: एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, दिव्यांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित और पूर्व सैनिकों के लिए न्यूनतम 55% यानी 82 अंक निर्धारित किए गए हैं।
सामान्य TET की तरह आयोजित होंगे दो पेपर्स
स्पेशल TET में भी सामान्य TET की तर्ज पर दो अलग-अलग पेपर्स का आयोजन किया जाएगा:
- पेपर-1 (कक्षा 1 से 5): इसमें बाल विकास एवं शिक्षण विधि (30 अंक), प्रथम भाषा हिंदी (30 अंक), द्वितीय भाषा के रूप में अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत में से एक (30 अंक), गणित (30 अंक) और पर्यावरण अध्ययन (30 अंक) के सवाल होंगे।
- पेपर-2 (कक्षा 6 से 8): इसमें बाल विकास एवं शिक्षण विधि (30 अंक), प्रथम भाषा हिंदी (30 अंक) और द्वितीय भाषा (30 अंक) अनिवार्य होंगे। इसके अलावा अभ्यर्थी को गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान में से किसी एक विषय (60 अंक) का चयन करना होगा।
5 सितंबर से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया, OTR प्रणाली अनिवार्य
इच्छुक और पात्र शिक्षक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाकर 5 सितंबर से 4 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। फॉर्म में संशोधन की अंतिम तिथि 8 अक्टूबर निर्धारित की गई है। आयोग ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) व्यवस्था लागू की है। अभ्यर्थियों को पहले OTR प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसके बाद लॉगिन करके वे फॉर्म भर सकेंगे और ऑनलाइन फीस जमा करके अपने आवेदन का प्रिंटआउट या PDF सुरक्षित रख सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि देश में पहली बार 13 नवंबर 2011 को TET आयोजित की गई थी, लेकिन 2010 या उससे पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए यह अनिवार्य नहीं थी। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के क्रम में लगभग डेढ़ दशक बाद केवल कार्यरत शिक्षकों के लिए यह विशेष परीक्षा कराई जा रही है।