संक्षेप
उत्तर प्रदेश में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के तहत सोलर पैनल लगाने की रफ्तार दोगुनी हो गई है। जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में राज्य में रोजाना औसतन 2,378 सोलर सिस्टम लगाए गए। 7.92 लाख से अधिक कुल इंस्टॉलेशन के साथ यूपी फिलहाल देश में दूसरे स्थान पर है। यदि यही रफ्तार बरकरार रही तो अगले 41 दिनों में यूपी, गुजरात को पछाड़कर देश में शीर्ष स्थान हासिल कर लेगा। नियमों के अनुसार, घरेलू रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पर कुल 45,000 रुपये से लेकर 1,08,000 रुपये तक की संयुक्त सब्सिडी दी जा रही है।
41 दिनों में गुजरात को पछाड़ शीर्ष पर पहुंचने का लक्ष्य
'प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के कार्यान्वयन में उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अगस्त 2026 के दौरान कुल 73,716 घरेलू रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए गए हैं। इसका तात्पर्य है कि प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 2,378 सोलर पैनल लगाए गए हैं।
फिलहाल उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों की तुलना में प्रतिदिन औसतन 780 अधिक सोलर सिस्टम स्थापित कर रहा है। इसी गति से कार्य जारी रहने पर अगले 41 दिनों के भीतर (अक्टूबर तक) उत्तर प्रदेश घरेलू रूफटॉप सोलर के मामले में गुजरात को पीछे छोड़ते हुए देश का नंबर-1 राज्य बन जाएगा।
प्रदेश में अब तक 7.92 लाख से अधिक सोलर सिस्टम स्थापित
आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश वर्तमान में कुल रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में देश में दूसरे स्थान पर कायम है। राज्य में अब तक कुल 7.92 लाख से अधिक घरेलू सोलर इंस्टॉलेशन का कार्य सफलता पूर्वक पूरा किया जा चुका है। योजना के प्रति उपभोक्ताओं के बढ़ते रुझान और दोगुनी हुई कार्य गति के कारण प्रदेश के जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल करने का दावा किया जा रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए 45 हजार से 1.08 लाख रुपये तक की सब्सिडी
योजना को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को भारी वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। नियमों के अनुसार, घरेलू रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पर कुल 45,000 रुपये से लेकर 1,08,000 रुपये तक की संयुक्त सब्सिडी दी जा रही है:
- 1 किलोवाट का सिस्टम: केंद्र सरकार द्वारा 30,000 रुपये और राज्य सरकार द्वारा 15,000 रुपये (कुल सब्सिडी: 45,000 रुपये)।
- 2 किलोवाट का सिस्टम: केंद्र सरकार की ओर से 60,000 रुपये और प्रदेश सरकार की तरफ से 30,000 रुपये (कुल सब्सिडी: 90,000 रुपये)।
- 3 किलोवाट या उससे अधिक: केंद्र सरकार द्वारा 78,000 रुपये और राज्य सरकार द्वारा 30,000 रुपये (कुल सब्सिडी: 1,08,000 रुपये) दिए जा रहे हैं।