सारांश :
नई दिल्ली में 20 सितंबर 2026 को मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने ₹23,731 करोड़ के बजट वाली 'गोबर-धन' योजना लागू कर दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी परिचालन दिशा-निर्देशों के तहत कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादकों को 100% खरीद की गारंटी, पूंजीगत सहायता और 10 साल तक तय कीमत मिलेगी। योजना के अंतर्गत मवेशियों के गोबर, कृषि अवशेषों, खाद्य अपशिष्ट और अन्य जैविक कचरे का उपयोग करके बायोगैस, कंप्रेस्ड बायोगैस और जैविक खाद तैयार की जाएगी।
₹23,731 करोड़ के बजट के साथ 10 वित्तीय वर्षों के लिए योजना लागू
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, देश में सतत अपशिष्ट प्रबंधन और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'गोबर-धन' (गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन) योजना लागू की गई है। ₹23,731 करोड़ के कुल बजट वाली यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से लेकर 2035-36 तक यानी अगले 10 वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बायोगैस परियोजनाओं में निजी निवेश को प्रोत्साहित करना और जैविक कचरे का बेहतर निस्तारण करना है।
CBG उत्पादकों के लिए 100% खरीद गारंटी और तय मूल्य व्यवस्था
योजना के प्रावधानों के तहत सीबीजी उत्पादकों को उनकी बिक्री योग्य कुल गैस की 100 प्रतिशत तक सुनिश्चित खरीद का विकल्प मिलेगा, जो तकनीकी और परिचालन व्यवहार्यता पर निर्भर करेगा। सरकार द्वारा सीबीजी के लिए ₹2,110 प्रति एमएमबीटीयू (MMBTU) का प्रशासित मूल्य तय किया गया है। 95 प्रतिशत मीथेन सामग्री के आधार पर यह दर कर और कंप्रेशन शुल्क के बिना लगभग ₹98 प्रति किलोग्राम के बराबर बैठती है। इसके साथ ही, पात्र उत्पादकों को कम से कम 10 वर्षों तक तय मूल्य समर्थन और पूंजीगत सहायता भी प्रदान की जाएगी।
छह मुख्य स्तंभों पर टिका योजना का ढांचा
जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए छह प्रमुख पहलुओं को शामिल किया गया है। इनमें सीबीजी की सुनिश्चित खरीद, मूल्य निर्धारण व्यवस्था, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन ढांचे का निर्माण, ऋण गारंटी सहायता तथा सीबीजी पारिस्थितिकी चैलेंज फंड शामिल हैं। योजना के अंतर्गत मवेशियों के गोबर, कृषि अवशेषों, खाद्य अपशिष्ट और अन्य जैविक कचरे का उपयोग करके बायोगैस, कंप्रेस्ड बायोगैस और जैविक खाद तैयार की जाएगी।
सिटी गैस वितरण कंपनियों के लिए खरीद लक्ष्य अनिवार्य
उत्पादित सीबीजी को प्राकृतिक गैस में मिलाकर ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए इसे शहर गैस वितरण (CGD) नेटवर्क और संबंधित भौगोलिक क्षेत्रों से जोड़ा जाएगा। साथ ही, सीबीजी क्लस्टर के जरिए गैस का एकत्रीकरण कर उसे मुख्य पाइपलाइन में डाला जाएगा। सरकार ने सीजीडी कंपनियों के लिए अपने सीएनजी परिवहन और घरेलू पीएनजी खंड में निर्धारित अनुपात में सीबीजी की खरीद व बिक्री अनिवार्य कर दी है। कंपनियों के लिए यह दायित्व वित्त वर्ष 2026-27 में 3 प्रतिशत, वित्त वर्ष 2027-28 में 4 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2028-29 से 5 प्रतिशत तय किया गया है।