संक्षिप्त विवरण:
उत्तर प्रदेश में बीते 80 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश के चलते स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बारिश और आंधी से जुड़े हादसों में दो दिनों में 63 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मौसम विभाग ने 28 सितंबर 2026 को प्रदेश के 46 शहरों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, लखीमपुर, बहराइच, श्रावस्ती, शाहजहांपुर, बदायूं, संभल और अमरोहा में भारी बारिश का अलर्ट है।
आंधी और मूसलाधार बारिश से भारी तबाही, नदियों का जलस्तर खतरे के पार
उत्तर प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। लगभग 80 घंटे से हो रही बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, पिछले दो दिनों में आंधी और बारिश से संबंधित घटनाओं में कथित तौर पर 63 लोगों की जान जा चुकी है।
तबाही के बीच प्रदेश की 8 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इनमें कुशीनगर में गंडक, गोंडा में कुआनो, श्रावस्ती में राप्ती, सिद्धार्थनगर में बूढ़ी राप्ती, लखीमपुर खीरी में महाकाली (शारदा), प्रयागराज में टोंस तथा सीतापुर में सरायन और कठना नदी शामिल हैं। स्थिति को देखते हुए कुशीनगर में गंडक बैराज के 36 फाटक खोल दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के नागरिकों से सतर्क रहने और अपनों का ख्याल रखने की अपील की है।
लखनऊ से बाराबंकी तक बिगड़े हालात, गाड़ियां फंसी और ऐतिहासिक ढांचा बहा
प्रदेश के कई जिलों से जलभराव और बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं:
- बाराबंकी: सरयू नदी के तट पर बीते 30 दिनों से लटकी हुई करीब 150 साल पुरानी मस्जिद जलस्तर के तेज बहाव में बह गई।
- लखनऊ: राजधानी स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जबकि इकाना स्टेडियम के पास सड़क धंसने की सूचना है।
- उन्नाव: गंगा एक्सप्रेस-वे पर सोनिक टोल प्लाजा के निकट 2 से 3 फीट तक पानी भर गया, जिसे पंप की मदद से बाहर निकाला गया।
- हरदोई: एडीएम (ADM) की गाड़ी गहरे कीचड़ में फंस गई, जिसे स्थानीय लोगों ने धक्का देकर निकाला। इसके अलावा कोतवाली परिसर और एसएचओ (SHO) के कमरे तक बरसाती पानी घुस गया।
- बरेली: आकाशवाणी केंद्र परिसर में पानी भरने के कारण लोगों को बाहर निकलने के लिए पटरे की नाव का सहारा लेना पड़ा।
इसके अलावा कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर सहित कई शहरों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे हजारों पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए।
28 सितंबर 2026 के लिए मौसम विभाग की चेतावनी, 46 जिलों में अलर्ट
बीते 24 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश दर्ज की गई है, जिसमें सबसे अधिक 158.1 मिलीमीटर बारिश फर्रुखाबाद में रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा मानचित्र और पूर्वानुमान के अनुसार, सोमवार (28 सितंबर 2026) को प्रदेश के 46 जिलों में बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है।
- भारी बारिश वाले क्षेत्र: बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, लखीमपुर, बहराइच, श्रावस्ती, शाहजहांपुर, बदायूं, संभल और अमरोहा।
- हल्की से मध्यम बारिश वाले क्षेत्र: सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, हरदोई, फर्रुखाबाद, सीतापुर, बलरामपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बस्ती, संत कबीर नगर, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, मऊ, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, संत रविदास नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, आंबेडकर नगर, अयोध्या, अमेठी, रायबरेली, बाराबंकी, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर नगर और फतेहपुर।
प्रशासन ने सभी तटीय और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदियों के पास न जाने और आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
