संक्षेप:
गोरखपुर में 30 सितंबर 2026 को आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांगजनों की पेंशन राशि बढ़ाने की घोषणा की है। वर्तमान में 1000 रुपये प्रति माह पाने वाले लाखों पेंशनभोगियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य के सभी 18 मंडलों में पुनर्वास केंद्र खोले जाएंगे। प्रशासनिक सूत्रों से डीबीयूपी इंडिया को मिली जानकारी के अनुसार पेंशन को 1500 रुपए प्रति माह करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई है।
पेंशन में बढ़ोतरी: लाखों लाभार्थियों को मिलेगी आर्थिक राहत
गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के दिव्यांगजनों को बड़ी सौगात देने का आश्वासन दिया है। शासन की योजना के अनुसार, दिव्यांगजन पेंशन की धनराशि में एक बार फिर से वृद्धि की जाएगी। गौरतलब है कि राज्य में पूर्व में दिव्यांगजनों को 300 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती थी। सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाते हुए पहले 500 रुपये और फिर 1000 रुपये प्रतिमाह किया था। अब इस प्रस्तावित वृद्धि से प्रदेश के लाखों दिव्यांग पेंशनभोगियों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचेगा।
विधानसभा स्तर पर लगेंगे शिविर और रोजगार से जुड़ेंगे युवा
सरकार की आगामी कार्ययोजना के तहत, वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का मुख्य लक्ष्य उन दिव्यांगजनों को चिह्नित कर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और पेंशन से जोड़ना है, जो अब तक इन सुविधाओं से वंचित रह गए हैं। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों के यूडीआईडी (डिजिटल पहचान) कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके साथ ही, दिव्यांग युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए उन्हें 'सीएम युवा', 'पीएम स्वनिधि' और 'मुद्रा योजना' जैसी महत्वपूर्ण स्वरोजगार योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है।
18 मंडलों में बनेंगे पुनर्वास केंद्र, इलाज के लिए मिलेगी मदद
प्रशासनिक स्तर पर चिकित्सा और देखभाल की सुविधाएं बढ़ाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडलों में 'जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र' स्थापित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसकी शुरुआत गोरखपुर के सीतापुर आई हॉस्पिटल परिसर में केंद्र खोलकर की जा चुकी है। स्वास्थ्य सुविधाओं के मोर्चे पर, कॉक्लियर इंप्लांट के लिए अधिकतम छह लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता और स्पीच थेरेपी की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इसके अलावा, दृष्टिबाधित और मूकबधिर बच्चों के लिए संचालित राजकीय विद्यालयों, मनोविकास केंद्रों तथा कौशल विकास केंद्रों को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। वहीं, कम उम्र के बच्चों की विशेष देखभाल के लिए 'बचपन डे केयर सेंटर' का भी विस्तार किया जा रहा है।
