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महिलाओं की सुरक्षा और अधिकार संरक्षण के लिए उत्तराखंड महिला आयोग की नई रणनीति : 13 जिलों के लिए तैयार हुई कार्ययोजना

सारांश :

देहरादून में 16 सितंबर 2026 को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में 13 जिलों के लिए नई कार्ययोजना तैयार की गई। बैठक में आयोग में 10 नए पदों के सृजन, सदस्यों के मानदेय और स्वच्छता कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही जिलों में नियमित जनसुनवाई के लिए उपाध्यक्षों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

13 जिलों के लिए कार्ययोजना तैयार और आयोग के सुदृढ़ीकरण के लिए कई प्रस्ताव पारित

उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और उनके अधिकारों के संरक्षण को लेकर अपनी आगामी रणनीति तय कर ली है। बुधवार, 16 सितंबर 2026 को महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग निदेशालय में आयोग की बोर्ड बैठक आयोजित की गई। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रदेश के सभी 13 जिलों के लिए नई कार्ययोजना तैयार करने के साथ-साथ आयोग की कार्यप्रणाली को मजबूत करने पर गहन चर्चा हुई। इस दौरान आयोग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 10 नए पद सृजित करने, आयोग के सदस्यों के मानदेय में वृद्धि करने और स्वच्छता कर्मियों का वेतन बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

उपाध्यक्षों को सौंपी गई जिलावार जिम्मेदारी, वन स्टॉप सेंटरों में होगी नियमित जनसुनवाई

महिलाओं से जुड़े मामलों पर त्वरित कार्रवाई और आयोग की सभी जिलों में सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उपाध्यक्षों एवं सदस्यों को जिलावार दायित्व सौंपे गए हैं। तय व्यवस्था के अनुसार:

  • ऐश्वर्या रावत: पौड़ी, टिहरी और रुद्रप्रयाग जिले की जिम्मेदारी संभालेंगी।
  • चंद्रकला तिवारी: उत्तरकाशी और चमोली जिले का कार्यभार देखेंगी।
  • शायरा बानो: ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिले का दायित्व निभाएंगी।

बैठक में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि उपाध्यक्ष और सदस्य अपने-अपने आवंटित जिलों में स्थित 'वन स्टॉप सेंटर' पर होने वाली नियमित जनसुनवाई में अनिवार्य रूप से शामिल होंगे। वे क्षेत्र में महिला जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, वन स्टॉप सेंटरों का निरीक्षण करने तथा महिला अधिकारों के संरक्षण से संबंधित सभी कार्यों का संचालन करेंगे।

न्याय व संरक्षण का विश्वसनीय मंच बना आयोग: अध्यक्ष कुसुम कंडवाल

बैठक को संबोधित करते हुए आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तीकरण राष्ट्रीय विकास का प्रमुख आधार बना है, जबकि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने बताया कि राज्य के दूरस्थ पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों से भी महिलाएं अपनी शिकायतें और प्रार्थना पत्र लेकर आयोग तक पहुंच रही हैं। शिकायतों की यह बढ़ती संख्या इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि पीड़ित महिलाएं आयोग को न्याय और सुरक्षा पाने का एक विश्वसनीय मंच मानती हैं। अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि हर पीड़ित महिला को समयबद्ध तरीके से सहायता, विधिक परामर्श और न्याय उपलब्ध कराना आयोग की प्राथमिकता और जिम्मेदारी है।

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