संक्षिप्त जानकारी (Brief):
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को 'मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन' कार्यक्रम में घोषणा की कि सरकारी स्कूलों के 10वीं और 12वीं के छात्रों को टैबलेट के लिए सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में धनराशि दी जाएगी। इसका उद्देश्य बच्चों को तकनीक व AI से जोड़ना है। साथ ही, कुछ चयनित छात्रों को 12वीं के बाद 2 लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप भी मिलेगी।
टैबलेट के लिए छात्रों के खातों में सीधे पहुंचेगी धनराशि
देहरादून में शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने जानकारी दी कि उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए अब सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिये सीधे उनके बैंक खातों में पैसा भेजेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्हें तकनीक, एआई (AI), रोबोटिक्स और आधुनिक डिजिटल स्किल्स से जोड़ना अनिवार्य है, ताकि वे भविष्य में केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बन सकें।
युवाओं की सोच और 'इन-जेड' (IN-Z) जनरेशन का विजन
‘कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखंड’ थीम पर आधारित इस विशेष अभियान में राज्य के 2 लाख 67 हजार 744 विद्यार्थियों ने प्रदेश के विकास पर अपने निबंध और सुझाव भेजे थे। इनमें से 140 श्रेष्ठ छात्रों का चयन किया गया, जिनसे मुख्यमंत्री ने सीधा संवाद किया। इस दौरान सीएम धामी ने इंटरनेट के दौर वाली 'जेन-जेड' (Gen-Z) पीढ़ी को उत्तराखंड के संदर्भ में ‘इन-जेड’ (IN-Z) यानी भारतीय पीढ़ी का नया नाम दिया। उन्होंने यह भी साझा किया कि उनके घर में भी जेन-जेड और जेन-अल्फा पीढ़ी के बच्चे हैं, इसलिए वे इस युवा सोच को भली-भांति समझते हैं।
12वीं के बाद 2 लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप
युवाओं के शानदार विजन को सराहते हुए सरकार ने घोषणा की है कि अभियान के तहत चयनित इन 140 विद्यार्थियों को 12वीं के बाद आगे के करियर और कोचिंग की तैयारी के लिए दो लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं के बहुमूल्य विचारों और व्यावहारिक सुझावों को सरकार की नीति-निर्धारण और योजनाओं का हिस्सा बनाना है।
8 विभिन्न विषयों में बेहतरीन सुझाव देने वाले छात्र हुए सम्मानित
संवाद के दौरान 15-16 साल के किशोरों ने केवल पढ़ाई या नौकरी तक सीमित न रहकर पलायन, पर्यावरण, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, स्वरोजगार और पर्यटन जैसे गंभीर मुद्दों पर अपने विचार रखे। इस मौके पर 8 विषयों के विजेताओं को सम्मानित भी किया गया। इनमें शिक्षा एवं युवा अवसर के लिए मयूह भंडारी व रवीना, पर्यावरण व आपदा प्रतिरोधक क्षमता के लिए शेरोन कपूर, स्वास्थ्य के लिए सतीश कुमार, पलायन एवं रोजगार के लिए माही बलाई, सड़क व इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए श्रितिका रावत, प्रौद्योगिकी एवं सुशासन के लिए प्रियांशु सजवाण, पर्यटन के लिए दृष्टि चौहान और महिला एवं बाल कल्याण विषय के लिए अनुष्का नेगी को विजेता चुना गया।