संक्षिप्त विवरण:
1 अक्टूबर से एयर कंडीशनर (AC), LED TV, वॉशिंग मशीन और फ्रिज की कीमतों में 8% तक की बढ़ोतरी होने जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर, स्टील और कच्चे तेल के दाम बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों ने यह निर्णय लिया है। वर्ष 2026 में यह तीसरी बढ़ोतरी है। हालांकि, विक्रेताओं के पास पुराना स्टॉक उपलब्ध होने से ग्राहकों को दिवाली तक राहत मिल सकती है। इस साल कुल मिलाकर लगभग 23% तक दाम बढ़ चुके हैं।
कच्चे माल की लागत और करेंसी में उतार-चढ़ाव से बढ़ा दबाव
त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होम एप्लायंसेज खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को झटका लगने वाला है। कंपनियों के अनुसार, 1 अक्टूबर से एयर कंडीशनर (AC), LED TV, वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर की कीमतों में 8% तक का इजाफा किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर (तांबा), स्टील, एल्युमीनियम और क्रूड ऑयल से जुड़ी कच्ची सामग्रियों की दरों में लगातार तेजी आई है। इसके साथ ही करेंसी में उतार-चढ़ाव के कारण विनिर्माण लागत बढ़ी है। वर्ष 2026 में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की ओर से यह कीमतों में तीसरी बढ़ोतरी होगी, जिससे इस साल कुल मिलाकर लगभग 23% तक दाम बढ़ चुके हैं।
जानिए किस प्रोडक्ट पर कितनी बढ़ेगी कीमत
उद्योग विशेषज्ञों और कंपनियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अलग-अलग श्रेणियों में कीमतों में निम्नलिखित बढ़ोतरी देखी जाएगी:
- एयर कंडीशनर (AC): एसी की कीमतों में सबसे अधिक 5% से 8% तक का उछाल आने का अनुमान है।
- टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन: LED TV, रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन के दामों में 3% से 4% तक की वृद्धि हो सकती है।
ब्लू स्टार, गोदरेज एप्लायंसेज, हायर, डाइकिन और सुपर प्लास्ट्रोनिक्स जैसी प्रमुख कंपनियों ने 4% से 10% तक की मूल्य वृद्धि की पुष्टि की है। वहीं, एलजी और बॉश होम कम्फर्ट (हिताची) ने एसी के दाम करीब 5% तक बढ़ा दिए हैं। पैनासोनिक फिलहाल स्थिति की समीक्षा कर रही है और जल्द ही इस पर निर्णय लेगी।
तांबे की कीमतों में भारी उछाल बना मुख्य कारण
हायर इंडिया के प्रेसिडेंट एनएस सतीश के अनुसार, कॉपर की कीमतों में बीते एक वर्ष के दौरान अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर के दाम 8,000-9,000 डॉलर से बढ़कर 14,500 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गए हैं। एक सामान्य एसी के निर्माण में लगभग 3 से 4 किलोग्राम कॉपर का उपयोग होता है।
कंपनी 1 अक्टूबर से एसी के दाम में 5% की बढ़ोतरी कर रही है। अनुमान जताया गया है कि अक्टूबर से जनवरी के बीच विभिन्न चरणों में कुल मिलाकर 15% तक की वृद्धि हो सकती है।
दिवाली तक पुरानी दरों पर सामान मिलने की उम्मीद
मूल्य वृद्धि के बावजूद कंपनियों का मानना है कि त्योहारों के दौरान बिक्री पर इसका प्रतिकूल प्रभाव सीमित ही रहेगा। इसका मुख्य कारण यह है कि अधिकांश डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स ने अगस्त और सितंबर में कंपनियों की 'प्री-बाइंग स्कीम्स' के तहत पुराना स्टॉक पहले ही खरीद लिया था।
वर्तमान में सप्लाई पाइपलाइन में 1 से 1.5 महीने का पुराना स्टॉक मौजूद है। विक्रेता इस पुराने स्टॉक का लाभ उठाकर ग्राहकों को दिवाली तक पुरानी दरों पर ही इलेक्ट्रॉनिक्स सामान उपलब्ध करा सकेंगे। कंपनियों के अनुसार, नई बढ़ी हुई दरें दिवाली के बाद बाजार में पूरी तरह प्रभावी होंगी।
