संक्षिप्त विवरण:
लखनऊ स्थित योजना भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राज्य की 3 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और 1 करोड़ महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने के लक्ष्य की घोषणा की। 'उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी योजना' के तहत महिलाओं को 3 किश्तों में कुल 1 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनके स्वरोजगार और आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा मिलेगा। पहले चरण में पहली किश्त के रूप में 20 हजार रुपये दिए जाएंगे, जिसका पूरा ब्याज राज्य सरकार वहन करेगी।
तीन किश्तों में मिलेगी आर्थिक सहायता, बैंकों को सहयोगात्मक रवैया अपनाने के निर्देश
उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण को गति देने के लिए राज्य सरकार ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बड़े लक्ष्यों को तय किया है। योजना भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तकनीकी सहयोगी एजेंसियों, बैंकरों, दुग्ध उत्पादक कंपनियों और एचसीएल संस्था के प्रतिनिधियों के साथ कार्यप्रगति का जायजा लिया।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 'उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी योजना' के माध्यम से 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा। योजना के पहले चरण में पहली किश्त के रूप में 20 हजार रुपये दिए जाएंगे, जिसका पूरा ब्याज राज्य सरकार वहन करेगी। इसके बाद दूसरी किश्त में 30 हजार रुपये दिए जाएंगे और कुल मिलाकर तीन किश्तों में 1 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने बैंकर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र और गरीब महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए तथा उनके प्रति सकारात्मक व सहयोगात्मक रवैया अपनाया जाए।
पशुपालन, ई-रिक्शा और ड्रोन तकनीक से बढ़ेगी आजीविका
महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए बहुआयामी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं को गाय-भैंस खरीदने के लिए आसानी से ऋण उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही महिला समूहों की सदस्यों के लिए 2 लाख रुपये तक की कीमत वाले गुणवत्तापूर्ण ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की योजना बनाने को कहा गया।
तकनीकी विकास पर जोर देते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक संकुल स्तरीय संघ (Cluster Level Federation) को कम से कम एक ड्रोन उपलब्ध कराया जाए। बैठक में एचसीएल संस्था ने अपने अभियानों की जानकारी देते हुए बताया कि वह प्रदेश के 13 जिलों में स्मार्ट स्कूल, स्वास्थ्य और समुदाय आधारित जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन कर रही है। इस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक कोई जनपद पूरी तरह संतृप्त (Saturate) न हो जाए, तब तक वहां कार्य निरंतर जारी रखा जाए।
बीमा क्लेम निस्तारण में ढिलाई पर सख्ती और फर्जीवाड़े पर निगरानी
समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने बीमा क्लेम के निस्तारण में होने वाली देरी और लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ऋण स्वीकृत करते समय बीमा तो कर दिया जाता है, लेकिन किसी अनहोनी के बाद आश्रितों को क्लेम की राशि पाने के लिए सरकारी व बैंक दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि बीमा क्लेम का निस्तारण एक निश्चित समय सीमा के भीतर होना चाहिए। साथ ही, गरीब महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का छल या धोखाधड़ी रोकने के लिए पूरे तंत्र पर लगातार निगरानी बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं।