सारांश
लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, जो 6 अगस्त तक चलेगा। इस चार दिवसीय सत्र के दौरान मंगलवार को अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। सत्र के सुचारू संचालन के लिए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। सुरक्षा के लिहाज से विधानभवन के 5 किलोमीटर के दायरे को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
सोमवार से शुरू हो रहा यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र, सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का वर्ष 2026 का तृतीय (मानसून) सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। छह अगस्त तक चलने वाले इस सत्र को गरिमापूर्ण और सुचारू रूप से चलाने के लिए रविवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सभी दलीय नेताओं ने सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में सहयोग देने की बात कही।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बताया कि इस सत्र में पहली बार सदन में 'वंदे मातरम्' का पूर्ण गायन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सदन में लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप संयमित और मर्यादित भाषा का प्रयोग होना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी कहा कि सदन का सफल संचालन सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के साझा सहयोग से ही संभव है। कार्य-मंत्रणा समिति की बैठक में चार दिवसीय सत्र के विधायी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई।
पहले दिन शोक प्रस्ताव, मंगलवार को आएगा अनुपूरक बजट
सत्र के पहले दिन यानी सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद आजमगढ़ के निजामाबाद से समाजवादी पार्टी के विधायक आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया जाएगा। सदन द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।
मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमें अनुपूरक बजट पेश करने पर औपचारिक मुहर लगेगी। इसके बाद मंगलवार को ही सदन में अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा और अन्य विधायी कार्य निपटाए जाएंगे। बुधवार और बृहस्पतिवार को अनुपूरक बजट पर चर्चा के बाद विधायी कार्य पूरे करके सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।
जनहित और विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष
सत्र के दौरान राज्य के दोनों सदनों में हंगामे के आसार जताए जा रहे हैं। विपक्षी दल कई प्रमुख मुद्दों को लेकर राज्य सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं। इनमें राम मंदिर में चढ़ावा चोरी, दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज, शिक्षक भर्ती और एक्सप्रेसवे निर्माण में गड़बड़ी जैसे मामले शामिल हैं। वहीं, दूसरी ओर सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने भी विपक्ष के हर सवाल का पूरी तैयारी के साथ जवाब देने की बात कही है।
सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, अपना दल (सोनेलाल) के राम निवास वर्मा, कांग्रेस की आराधना मिश्रा 'मोना', रालोद के राजपाल सिंह बालियान, सुभासपा के ओपी राजभर, निषाद पार्टी के रमेश सिंह और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के कुंवर रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' सहित अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया।
विधानभवन के आसपास सुरक्षा सख्त, 5 किमी दायरा हाई अलर्ट पर
सत्र के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत कड़ा कर दिया गया है। विधानभवन के पांच किलोमीटर के दायरे को हाई अलर्ट घोषित किया गया है, जहां सोमवार सुबह से पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात रहेंगे। पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने रविवार को अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया, जबकि जेसीपी एलओ बबलू कुमार ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
इलाके में बीएनएस की धारा 163 लागू की गई है, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन और जुलूस निकालने पर पूर्ण रोक रहेगी। इसके अलावा राजभवन, मुख्यमंत्री आवास और विधानभवन के आसपास नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है, जिससे बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी रहेगी। विधानभवन परिसर में शस्त्र, सिलेंडर या ज्वलनशील पदार्थ ले जाना प्रतिबंधित रहेगा और पुलिस कंट्रोल रूम से 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। सत्र के दौरान आसपास के कई मार्गों पर सामान्य वाहनों का आवागमन भी प्रतिबंधित रहेगा।