सारांश
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने ओला, उबर, रेपिडो और इनड्राइव जैसी कैब-हेलिंग कंपनियों को अपने मोबाइल एप्स से बुकिंग के समय एडवांस टिप और 'एड ऑन' के ऑप्शन तुरंत हटाने के निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राइड कन्फर्म करने या जल्दी गाड़ी पाने के नाम पर एडवांस टिप वसूलना मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 और कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट का उल्लंघन है। इससे अब पीक ऑवर्स में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों को आर्थिक राहत मिलेगी।
कैब एप्स से तुरंत हटाने होंगे भ्रामक टिपिंग प्रॉम्प्ट्स और ऑप्शंस
कैब राइड बुक करने वाले करोड़ों यात्रियों को राहत देते हुए केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत ओला, उबर, रेपिडो और इनड्राइव जैसी सभी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स को अपनी मोबाइल एप्स से बुकिंग के दौरान टिप मांगने वाले सभी फीचर्स, प्रॉम्प्ट्स और ऑप्शंस को तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि बुकिंग स्क्रीन पर एडवांस टिप का विकल्प देना मौजूदा नियमों के बिल्कुल खिलाफ है।
उपभोक्ता शिकायतों के बाद सरकार ने लिया सख्त फैसला
सरकार को लगातार ऐसी शिकायतें और रिपोर्ट्स मिल रही थीं कि कैब एग्रीगेटर कंपनियां अपने एप्स पर ग्राहकों को "एडवांस टिप", "ऐड-ऑन चुनें" और "जल्दी गाड़ी मिलने के चांस बढ़ाएं" जैसे मैसेज दिखा रही थीं। कुछ एप्स यात्रियों पर यह दबाव भी बनाते थे कि यदि वे टिप जोड़ेंगे तो ड्राइवर द्वारा राइड स्वीकार करने की संभावना बढ़ जाएगी या वेटिंग टाइम कम हो जाएगा। सरकार ने इस पूरी प्रैक्टिस को भ्रामक माना है और इसे कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट का उल्लंघन करार दिया है।
मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 के नियमों का उल्लंघन
परिवहन मंत्रालय ने मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि यात्रियों के पास केवल यात्रा पूरी होने के बाद ही अपनी स्वेच्छा से ड्राइवर को टिप देने का अधिकार है। यात्रा शुरू होने से पहले या बुकिंग के समय टिप मांगने का नियमों में कोई प्रावधान नहीं है। इसके अलावा, सरकार की गाइडलाइंस में यह भी अनिवार्य किया गया है कि यात्रा के बाद मिलने वाली टिप की 100% राशि सीधे ड्राइवर के खाते में भेजी जानी चाहिए और कैब कंपनियां इसमें से कोई कमीशन नहीं काट सकती हैं।
बुकिंग स्क्रीन पर अब नहीं दिखेंगे एक्स्ट्रा पेमेंट के विकल्प
मंत्रालय के नए निर्देशों के अनुसार, अब सफर पूरा होने से पहले मोबाइल एप की स्क्रीन पर कोई भी ऐसा मैसेज, ऐड-ऑन, पेमेंट ऑप्शन या यूजर इंटरफेस एलिमेंट प्रदर्शित नहीं किया जा सकेगा जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से यह संकेत दे कि एक्स्ट्रा पैसे देने से राइड जल्दी कंफर्म होगी, ड्राइवर जल्दी अलॉट होगा या वेटिंग टाइम घटेगा।
आम यात्रियों को राहत, यात्रा के बाद स्वेच्छा से दे सकेंगे टिप
सरकार के इस फैसले से पीक ऑवर्स और खराब मौसम के दौरान यात्रियों पर पड़ने वाला अतिरिक्त वित्तीय बोझ समाप्त होगा, जहाँ उन्हें पहले जल्दी कैब बुक करने के नाम पर 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक एक्स्ट्रा देने पड़ते थे। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि सफर खत्म होने के बाद यात्री ड्राइवर की सर्विस और व्यवहार से संतुष्ट होकर अपनी मर्जी से टिप दे सकेंगे; केवल बुकिंग के समय दी जाने वाली एडवांस टिप पर रोक लगाई गई है।