संक्षेप:
उत्तराखंड में SIR (मतदाता सूची पुनरीक्षण) को लेकर कांग्रेस के कड़े विरोध और धरने के बाद निर्वाचन आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के अनुसार, दावों और आपत्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में 9 आईएएस-पीसीएस अधिकारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है।
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बाद निर्वाचन आयोग ने उठाया सख्त कदम
उत्तराखंड में मतदाता सूची से जुड़े SIR (स्पेशल इंसेंटिव/रिवीजन) की प्रक्रिया को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच निर्वाचन आयोग ने निगरानी का स्तर और कड़ा कर दिया है। कथित तौर पर, मतदाता सूची से नाम हटने और आपत्तियों के निस्तारण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय के बाहर धरना दिया था। इस विरोध के मद्देनजर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को मैदान में उतारने का निर्णय लिया है।
तीन प्रमुख जिलों में 9 IAS-PCS अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार, तीन जिलों में दावों और आपत्तियों के निस्तारण की सीधी निगरानी के लिए 9 वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है:
- हरिद्वार: डॉ. संदीप तिवारी, ललित नारायण मिश्र, नन्द कुमार और गोपाल राम बिनवाल।
- नैनीताल: संजय कुमार और विनीत तोमर।
- ऊधमसिंह नगर: प्रकाश चन्द्र दुम्का, जय किशन और दिवेश शाशनी। ये सभी नामित अधिकारी पुनरीक्षण अवधि तक सीधे निर्वाचन आयोग के नियंत्रण, पर्यवेक्षण और अनुशासन के अधीन कार्य करेंगे।
नोटिस जारी होने से लेकर अंतिम सुनवाई तक हर चरण की होगी मॉनिटरिंग
तैनात किए गए पर्यवेक्षण अधिकारी अपने-अपने संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में पूरी प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रखेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस निगरानी में नोटिस जारी करना, उसकी तामीली, सुनवाई और दावों का अंतिम निस्तारण शामिल है। इन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर एक मामले का निपटारा निर्वाचन आयोग द्वारा तय किए गए नियमों और प्रक्रिया के तहत ही किया जाए, ताकि किसी भी तरह की धांधली के दावों को रोका जा सके।
सप्ताह में दो बार देनी होगी रिपोर्ट, आदेश तत्काल प्रभाव से लागू
आयोग ने रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को भी बेहद सख्त रखा है। अधिकारियों को अपने दैनिक निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट संबंधित मंडलायुक्त (कमिश्नर) के माध्यम से सप्ताह में दो बार मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजनी होगी। यह पूरी रिपोर्टिंग प्रक्रिया 'मैनुअल इलेक्ट्रोल रोल-2023' के अध्याय-11 में निर्धारित प्रारूप के अनुसार ही की जाएगी। पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
