सारांश
ऊधम सिंह नगर काशीपुर के बाजपुर रोड पर दो बाइकों की टक्कर में 19 वर्षीय आईटीआई छात्र विनीत की मौत हो गई, जबकि दूसरी बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, देहरादून के डोईवाला में 37 वर्षीय अंजली गुप्ता पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने सोलर फेंसिंग की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर, उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित गंगनानी में 10 मेगावाट की पहली प्रस्तावित भूतापीय विद्युत परियोजना (जियोथर्मल प्रोजेक्ट) की इनीशियल प्रोजेक्ट रिपोर्ट आइसलैंड की वर्किस कंपनी ने यूजेवीएनएल को सौंप दी है, जिसके अगले अध्ययन के लिए 3 करोड़ रुपये मांगे गए हैं।
1. काशीपुर में कांवड़ यात्रा के दौरान दो बाइकों की टक्कर, ITI छात्र की मुरादाबाद ले जाते समय मौत
जलाभिषेक के बाद लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा
काशीपुर के बाजपुर रोड स्थित श्यामपुरम छठ घाट के पास दो मोटरसाइकिलों के बीच हुई भीषण टक्कर में 19 वर्षीय युवक की जान चली गई। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के ठाकुरद्वारा क्षेत्र स्थित ग्राम आधोनगला निवासी राधेश्याम के पुत्र विनीत के रूप में हुई है। विनीत अपने छोटे भाई अमन और बहन काजल के साथ मोटेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने काशीपुर आया हुआ था।
इलाज के दौरान छात्र ने तोड़ा दम
पूजा-अर्चना पूरी करने के बाद विनीत प्रसाद लेने अपने मौसेरे जीजा के घर जा रहा था, तभी सामने से आ रही एक अन्य बाइक से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। इस दुर्घटना में दूसरी बाइक पर सवार युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गया। गंभीर हालत में परिजनों द्वारा विनीत को तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे मुरादाबाद रेफर कर दिया। हालांकि, मुरादाबाद ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
परिवार में छाया मातम
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। मृतक विनीत ठाकुरद्वारा से आईटीआई की पढ़ाई कर रहा था, जबकि उसका बड़ा भाई अभिषेक उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत है। इस दुखद हादसे के बाद से परिजनों में शोक की लहर व्याप्त है।
2. देहरादून के डोईवाला में दूध लेकर लौट रही महिला को हाथी ने पटका, अस्पताल में मौत; भड़के ग्रामीण
रेस्टोरेंट लौटते समय जंगल से आए हाथी का हमला
देहरादून जिले के डोईवाला स्थित थानों क्षेत्र के बड़ासी ग्रांट (धन्याड़ी गांव) में सोमवार शाम करीब 7:15 बजे एक दुखद हादसा हुआ। एयरपोर्ट-रायपुर मुख्य मार्ग पर अपना रेस्टोरेंट चलाने वाली 37 वर्षीय अंजली गुप्ता जब अपने घर से दूध लेकर पैदल वापस रेस्टोरेंट आ रही थीं, तभी जंगल से सटे इलाके में अचानक सामने आए जंगली हाथी ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। हाथी ने महिला को सूंड से पटक-पटककर लहूलुहान कर दिया।
इलाज के दौरान तोड़ा दम, पसलियां टूटीं
अंजली की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण व राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह हाथी को भगाया। हाथी के हमले में अंजली की कई पसलियां टूट गई थीं। गंभीर रूप से घायल अवस्था में ग्रामीणों ने उन्हें देहरादून के सीएमआई अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया। अस्पताल में जीवन और मृत्यु से संघर्ष करते हुए देर रात अंजली गुप्ता ने दम तोड़ दिया।
जन प्रतिनिधियों का दौरा और ग्रामीणों का गुस्सा
घटना की सूचना मिलते ही डोईवाला के विधायक बृजभूषण गैरोला और मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार धीरेंद्र पंवार देर रात अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। वहीं, घटना से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इसी वर्ष जनवरी में बहुउद्देशीय शिविर के दौरान आबादी क्षेत्र को बचाने के लिए सोलर फेंसिंग की मांग की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। वन विभाग के रेंजर एनएल डोभाल के अनुसार, घटना जंगल से सटे इलाके में हुई है और पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा व सहायता प्रदान करने के साथ क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जा रही है।
3. उत्तराखंड के गंगनानी में बनेगी प्रदेश की पहली जियोथर्मल बिजली परियोजना, आइसलैंड की कंपनी ने सौंपी रिपोर्ट
10 मेगावाट प्लांट के लिए इनीशियल रिपोर्ट पेश
उत्तराखंड सरकार पानी और सौर ऊर्जा के बाद अब भूतापीय ऊर्जा (जियोथर्मल एनर्जी) से बिजली बनाने की दिशा में काम कर रही है। उत्तरकाशी के गंगनानी में राज्य की पहली प्रस्तावित भूतापीय विद्युत परियोजना के लिए आइसलैंड की जियोथर्मल इंजीनियरिंग कंपनी 'वर्किस' ने इनीशियल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (आईपीआर) उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) को सौंप दी है। गंगनानी में पहले चरण के तहत 10 मेगावाट क्षमता का प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
विस्तृत सर्वे और डीपीआर के लिए 3 करोड़ की मांग
जमीन के नीचे मौजूद गर्म पानी और चट्टानों की व्यावसायिक क्षमता का आकलन करने के लिए भू-वैज्ञानिक व भू-भौतिकीय सर्वे, परीक्षण और ड्रिलिंग की जाएगी। इस विस्तृत अध्ययन और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को तैयार करने के लिए यूजेवीएनएल ने राज्य सरकार से करीब 3 करोड़ रुपये के बजट की मांग की है। डीपीआर बनने के बाद ही परियोजना की कुल लागत और वास्तविक बिजली उत्पादन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नीतियां और भविष्य की चुनौतियां
राज्य सरकार ने वर्ष 2025 में जियोथर्मल ऊर्जा नीति लागू की थी, जबकि जनवरी 2025 में उत्तराखंड सरकार और आइसलैंड की कंपनी वर्किस के बीच समझौता हुआ था। हालांकि, उत्तराखंड में 150 से अधिक गर्म पानी के प्राकृतिक स्रोत (जैसे तपोवन, गौरीकुंड, बद्रीनाथ) मौजूद हैं, लेकिन बिजली उत्पादन के लिए पर्याप्त तापमान, दबाव और तापीय भंडार का होना आवश्यक है। हिमालयी क्षेत्र में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, भूकंपीय संवेदनशीलता और ड्रिलिंग की उच्च लागत को देखते हुए विस्तृत वैज्ञानिक और पर्यावरणीय मूल्यांकन के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।