सारांश
सहारनपुर में शनिवार को हाईवे पर डिवाइडर से टकराई स्कॉर्पियो की स्विफ्ट से भिड़ंत में मसूरी से लौट रहे आईटीबीपी के डीआईजी परमिंदर सिंह और उनके चालक की जान चली गई। वहीं, 15 अगस्त को उत्तरकाशी के एनआईएम दल ने 7,077 मीटर ऊंची माउंट कुन चोटी पर तिरंगा फहराया। उधर, चमोली की विष्णुगाड़-पीपलकोटी परियोजना टनल में 42 घंटे बाद मजदूर देवनाथ का शव मिला, जिससे मृतकों की संख्या 8 हो गई है जबकि 2 लापता हैं।
1. सहारनपुर में सड़क हादसा: डिवाइडर फांदकर स्विफ्ट से टकराई स्कॉर्पियो, ITBP के DIG और ड्राइवर की मौत
मसूरी से अंबाला जाते वक्त हुआ हादसा
शनिवार सुबह करीब 9 बजे देहरादून-पंचकूला नेशनल हाईवे पर सरसावा क्षेत्र के झबीरन कट के पास भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के डीआईजी परमिंदर सिंह (48) की सरकारी स्कॉर्पियो बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर के बाद वाहन उछलकर दूसरी लेन में सामने से आ रही स्विफ्ट कार से जा भिड़ा। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने डीआईजी और उनके ड्राइवर रवि शंकर (35) को मृत घोषित कर दिया।
डीआईजी और जवानों का विवरण
डीएम अरविंद चौहान के अनुसार, डीआईजी परमिंदर सिंह मूल रूप से पंजाब के रूपनगर (रोपड़) के निवासी थे और वर्तमान में श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) में तैनात थे। वह मसूरी में ट्रेनिंग पूरी कर अंबाला लौट रहे थे। वाहन चला रहे आईटीबीपी जवान रवि शंकर सहारनपुर के थाना ननौता क्षेत्र के रहने वाले थे। हादसे में पटियाला निवासी गनर जयराम गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्विफ्ट सवार तीन लोग घायल
एसपी ट्रैफिक शैलेंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, स्विफ्ट डिजायर में सवार करनाल (हरियाणा) निवासी गुरुनानक सिंह (49), गुरुनाम सिंह (55) और देवेंद्र कौर (55) घायल हुए हैं। महिला की हालत गंभीर बताई गई है और सभी का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
2. स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक उपलब्धि: NIM के पर्वतारोहियों ने 7,077 मीटर ऊंची माउंट कुन चोटी फतह की
15 अगस्त की सुबह शिखर पर पहुंचे पर्वतारोही
नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM), उत्तरकाशी के अभियान दल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को सुबह 11 बजे माउंट कुन (7,077 मीटर) की चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया। उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित यह चोटी नून-कुन पर्वत श्रृंखला की प्रमुख और बेहद चुनौतीपूर्ण चोटियों में शुमार है।
सेना और संस्थान के सदस्य दल में शामिल
इस सफल अभियान दल में सेना के अधिकारियों एवं जवानों के साथ-साथ एनआईएम से जुड़े सदस्य और गाइड शामिल रहे। दल ने विषम परिस्थितियों के बीच अनुशासन और तकनीकी दक्षता के साथ इस अभियान को पूरा किया। संस्थान ने इसे अपनी निरंतर उत्कृष्टता का प्रमाण बताते हुए सभी सफल आरोहकों को बधाई दी।
3. चमोली टनल हादसा: 42 घंटे बाद मिला 8वां शव, मलबे और दलदल के बीच 2 लापता मजदूरों की तलाश जारी
छत्तीसगढ़ के मजदूर देवनाथ का शव बरामद
आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टनल में हादसे के करीब 42 घंटे बाद 8वां शव बरामद कर जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया। मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ निवासी देवनाथ के रूप में हुई है। 13 अगस्त की शाम टनल में अचानक पानी और मलबा आने से 22 मजदूर फंस गए थे, जिनमें से 12 को सुरक्षित निकाला गया, 8 की मौत हो चुकी है और 2 अब भी लापता हैं।
7 पंपों से पानी निकालने का काम जारी
टनल में 1440 मीटर चेनज पर अचानक तेज आवाज के साथ मलबा और पानी घुसा था, जिससे अंदर दलदल बन गया है। 7 डिवाटरिंग पंपों से पानी निकाला जा रहा है, लेकिन लगातार हो रहे रिसाव और मलबे के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं।
संयुक्त राहत और बचाव अभियान
घटनास्थल पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सीआईएसएफ, टीएचडीसी, एचसीसी और जिला प्रशासन की टीमें दो शिफ्टों में राहत कार्य में जुटी हैं। बचावकर्मी टॉर्च की रोशनी और सुरक्षा ड्रमों के सहारे दलदल के बीच बाकी 2 लापता मजदूरों की तलाश कर रहे हैं।