संक्षिप्त विवरण
अयोध्या के कुमारगंज स्थित सौ शैया संयुक्त चिकित्सालय की बदहाली अब लखनऊ तक पहुंच गई है। अस्पताल में मरीजों को विटामिन, चोट के लिए जेल जैसी बुनियादी दवाइयां नहीं मिल रही हैं, और डॉक्टरों द्वारा आधी से ज्यादा बाहरी दवाएं लिखी जा रही हैं। यही नहीं, कथित तौर पर आयुष्मान कार्ड से फर्जी निकासी और व्हाट्सएप पर रिपोर्ट देने जैसे मामलों के चलते अस्पताल अब प्रशासनिक जांच की रडार पर आ गया है। यह अस्पताल सिर्फ़ अयोध्या नहीं बल्कि बॉर्डर से सटे अन्य जिलों के लिए भी इलाज़ की उम्मीद है।
लखनऊ के अधिकारियों के रडार पर अस्पताल
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अयोध्या के अमानीगंज स्थित नगर पंचायत कुमारगंज का सौ शैया संयुक्त चिकित्सालय अब शासन और लखनऊ के उच्च अधिकारियों के रडार पर आ गया है। पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में इलाज कराने आ रहे मरीजों को बुनियादी दवाइयां तक नसीब नहीं हो रही हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा स्टॉक समाप्त होने का दावा किया जाता है, जिसके कारण लाचार मरीजों को दवाइयां बाहर के मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं।
डॉक्टरों का खेल: पर्चे पर आधी से ज्यादा बाहरी दवाएं
अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल के कुछ चुनिंदा डॉक्टरों के प्रिस्क्रिप्शन (पर्चे) पर आधी से अधिक दवाइयां बाहर की लिखी हुई पाई गई हैं। मरीजों का आरोप है कि उन्हें अस्पताल परिसर से दवा मिलने के बजाय बाहर की दुकानों पर भेजा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस अव्यवस्था को लेकर आक्रोश है, जहां करीब 150 लोगों ने अस्पताल में दवाइयां न मिलने और बाहर से लिखे जाने की शिकायतें दर्ज कराई हैं। दावा यह भी है कि कुछ दवाइयां सिर्फ अस्पताल के सामने मौजूद मेडिकल स्टोर पर ही उपलब्ध होती है।
व्हाट्सएप पर जांच रिपोर्ट और अल्ट्रासाउंड की समस्या
अस्पताल में जांच व्यवस्था का भी बुरा हाल रहा है। पैथोलॉजी विभाग का प्रिंटर करीब एक महीने से खराब पड़ा था, जिसकी वजह से ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट मरीजों को व्हाट्सएप पर भेजी जा रही थी। हालांकि इस समस्या को पिछले हफ्ते ठीक कर दिया गया है, लेकिन अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांचों के लिए मरीजों को अब भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि इस अस्पताल में अयोध्या के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी जिलों सुल्तानपुर और अमेठी से भी रोजाना सैकड़ों मरीज आते हैं, जिनमें अधिकांश ग्रामीण और बिना स्मार्टफोन वाले मरीज होते हैं।
आयुष्मान कार्ड से बिना इलाज पैसे निकालने का आरोप
अस्पताल की अनियमितताओं में एक बड़ा मामला आयुष्मान भारत योजना से भी जुड़ा सामने आया है। दावों के अनुसार, पिछले महीने कुछ ऐसे मामले प्रकाश में आए हैं जिनमें मरीजों के आयुष्मान कार्ड से बिना कोई इलाज दिए ही कथित तौर पर पैसे निकाल लिए गए। सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग यूजर्स ने इस आयुष्मान संबंधी मामले को उजागर करते हुए वीडियो बनाकर वायरल भी किए हैं।
समाजसेवी की रिपोर्ट के बाद सख्त कार्रवाई के आसार
इस पूरी अव्यवस्था और कथित घपलेबाजी के बीच अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. रवि पांडे ने मामले की जांच के लिए टीम गठित करने का आश्वासन तो दिया है, लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार पर कोई ठोस कार्रवाई या जिम्मेदारी तय नहीं की गई है।
वहीं दूसरी ओर, मिली जानकारी के मुताबिक अयोध्या के ही एक स्थानीय समाजसेवी द्वारा जिले के 3 अस्पतालों की बदहाली की पूरी रिपोर्ट लखनऊ में उच्च अधिकारियों को सौंपी गई है। माना जा रहा है कि यदि गोपनीय जांच में सौ शैया अस्पताल में ये कमियां और गड़बड़ियां पाई जाती हैं, तो संबंधितों पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई होना पूरी तरह तय है।
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