सारांश :
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने गुणवत्ता में गड़बड़ी और मिसब्रांडिंग पाए जाने पर एवेरेस्ट और लालजी गोढू हींग की बिक्री पर रोक लगा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार जांच के दौरान एवेरेस्ट के तीन अन्य प्रमुख उत्पादों- एग करी मसाला, चिकन मसाला और गरम मसाला में भी नियमों का उल्लंघन पाया गया। वहीं सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान FSSAI ने ज्यादा चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट वाले पैक्ड फूड्स के पैकेट पर लाल रंग का चेतावनी लेबल लगाने का नया प्रस्ताव पेश किया है।
एवेरेस्ट और लालजी गोढू हींग की बिक्री पर लगी अस्थायी रोक
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की जांच में एवेरेस्ट हींग के उत्पाद मिसब्रांडेड और सबस्टैंडर्ड यानी घटिया गुणवत्ता के पाए गए हैं। इसके बाद प्राधिकरण ने एवेरेस्ट हींग की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध तब तक प्रभावी रहेगा जब तक कंपनी तय खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन नहीं करती। इसके साथ ही 'लालजी गोढू' हींग की बिक्री पर भी फिलहाल रोक लगाते हुए कंपनी को चेतावनी जारी की गई है।
प्राधिकरण की जांच के दौरान एवेरेस्ट के तीन अन्य प्रमुख उत्पादों- एग करी मसाला, चिकन मसाला और गरम मसाला में भी नियमों का उल्लंघन पाया गया, हालांकि FSSAI की ओर से इन तीनों मसालों की बिक्री पर बैन नहीं लगाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद FSSAI का रेड लेबल प्रस्ताव
FSSAI ने सुप्रीम कोर्ट में पैक्ड फूड्स के पैकेजिंग नियमों में सुधार को लेकर एक अहम प्रस्ताव सौंपा है। इस प्रस्ताव के तहत पैक्ड फूड्स के पैकेट के सामने एक चमकीला लाल रंग का हेक्सागोनल (षटकोण) 'वार्निंग लेबल' लगाने की योजना है। यह लाल सिंबल उन खाद्य पदार्थों की पहचान करेगा जिनमें चीनी, नमक या सैचुरेटेड फैट की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई जाएगी।
यह कदम जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच द्वारा FSSAI और केंद्र सरकार को 'फ्रंट-ऑफ-पैक वार्निंग लेबल' लागू करने में हो रही देरी पर कड़ी फटकार लगाने के बाद उठाया गया है।
खाद्य उद्योग का विरोध और महाराष्ट्र FDA कमिश्नर की अपील
FSSAI के इस प्रस्तावित कड़े नियम पर खाद्य उद्योग से जुड़ी कंपनियों ने अपनी चिंता जताई है। कोका-कोला, नेस्ले और पेप्सीको का प्रतिनिधित्व करने वाले समूहों ने इन कड़े उपायों और प्रस्ताव के कुछ पहलुओं का विरोध किया है।
दूसरी ओर, महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि वे सिर्फ सरकारी नियमों के पालन तक सीमित न रहें। उन्होंने कंपनियों को उपभोक्ताओं की सेहत और सुरक्षा के प्रति अधिक जिम्मेदार और सतर्क बनने की सलाह दी है।
क्या होते हैं 'मिसब्रांडेड' और 'सबस्टैंडर्ड' उत्पाद?
FSSAI के मानकों के अनुसार, 'मिसब्रांडेड' उत्पाद वे होते हैं जिनके लेबल पर दी गई जानकारी गलत या भ्रामक होती है, या फिर पैकेजिंग पर न्यूट्रिशन वैल्यू और कंटेंट जैसी जरूरी जानकारियां FSSAI के दिशा-निर्देशों के तहत सही तरीके से नहीं छापी जाती हैं।
वहीं, 'सबस्टैंडर्ड' खाद्य उत्पाद वे माने जाते हैं जो FSSAI द्वारा तय की गई न्यूनतम गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में विफल रहते हैं। हालांकि ऐसे उत्पाद सीधे तौर पर जहरीले या सेहत के लिए असुरक्षित नहीं भी हो सकते हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता तय मानकों से निम्न स्तर की होती है।