सारांश
लखनऊ में 11 अगस्त 2026, मंगलवार को सामने आई जानकारी के अनुसार दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए 'जेन-जी' आंदोलन के असर के बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा ने युवाओं से सीधा संवाद साधने की रणनीति बनाई है। सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की 10-10 सदस्यों वाली टीमें विधानसभा स्तर पर स्कूल-कॉलेजों में जाकर नई पीढ़ी की समस्याओं और अपेक्षाओं को समझेंगी। उन्हें विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ किए जा रहे प्रचार और नैरेटिव का जवाब देने का भी जिम्मा दिया जाएगा।
जंतर-मंतर आंदोलन के असर के बाद जमीनी स्तर पर उतरने की तैयारी
चुनावी वर्ष में सरकार से नाराज नई युवा पीढ़ी यानी 'जेन-जी' (Gen-Z) को साधने और उनके बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए 'जेन-जी' आंदोलन के प्रभाव को देखते हुए प्रदेश भाजपा अब जमीनी स्तर पर उतरकर काम करेगी। इसके तहत भाजपा की युवा टोली प्रदेश के स्कूल और कॉलेजों तक पहुंचकर छात्रों व युवाओं से सीधा संवाद स्थापित करेगी। इस अभियान में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पदाधिकारियों और जिला स्तरीय टीमों की मुख्य भूमिका रहेगी। हालांकि, यह अभियान प्रदेश के मुख्य संगठन और भाजयुमो की नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के बाद औपचारिक रूप से शुरू किया जाएगा।
विधानसभावार तैयार होंगी 10-10 सदस्यों की विशेष युवा टीमें
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस संवाद अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए राज्य की प्रत्येक विधानसभा स्तर पर 10-10 युवाओं की विशेष टीमें गठित की जाएंगी। इन टोलियों का प्राथमिक ध्यान कॉलेजों और स्कूलों में अध्ययनरत युवाओं से संपर्क साधने पर रहेगा। टीम के सदस्य सीधे युवाओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और सरकार को लेकर उनकी राय जानेंगे। इसके साथ ही, युवाओं को सरकार की ओर से शुरू की गई विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों, शिक्षा तथा कौशल विकास की योजनाओं की पूरी जानकारी दी जाएगी।
विपक्ष के प्रचार का तथ्यों के आधार पर दिया जाएगा जवाब
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, युवा मोर्चा की टीमों की जिम्मेदारी केवल सरकार की उपलब्धियां बताने तक ही सीमित नहीं होगी। उन्हें विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ किए जा रहे प्रचार और नैरेटिव का जवाब देने का भी जिम्मा दिया जाएगा। चूंकि जेन-जी आबादी का एक बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अत्यधिक सक्रिय रहता है और पारंपरिक राजनीतिक संवाद के बजाय सीधे व स्पष्ट जवाब पसंद करता है, इसलिए भाजपा की युवा टोली तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखकर युवाओं के सवालों के जवाब देने का प्रयास करेगी।